PAK के हिंदू परिवार ने बयां किया दर्द, हरिद्वार में अस्थियां विसर्जित को नहीं मिल रहा वीजा

Edited By Punjab Kesari,Updated: 14 Feb, 2018 04:10 PM

visitors can not get bone at haridwar

पाकिस्तान में रहने वाले सैकड़ों हिंदू परिवारों को अपने मृत परिजनों की अस्थियां विसर्जन के लिए हरिद्वार के वीजा का इंतजार है। इन परिवारों ने अस्थियां संभाल कर रखी हुई है, लेकिन 20-20 साल गुजर जाने के बाद भी मोक्ष नसीब नहीं हो पा रहा है। पाकिस्तान से...

अमृतसर: पाकिस्तान में रहने वाले सैकड़ों हिंदू परिवारों को अपने मृत परिजनों की अस्थियां विसर्जन के लिए हरिद्वार के वीजा का इंतजार है। इन परिवारों ने अस्थियां संभाल कर रखी हुई है, लेकिन 20-20 साल गुजर जाने के बाद भी मोक्ष नसीब नहीं हो पा रहा है। पाकिस्तान से आए विजय हजारी ने यह दर्द बयां करते हुए बताया कि पोते की मौत पर मुझे कर्मकांड के लिए हरिद्वार जाना था, लेकिन वीजा केवल अमृतसर का ही मिला।

उन्होंने भारत सरकार से अपील की है कि वीजा पांच दिन बढ़ाकर उन्हें हरिद्वारा जाने की अनुमति दी जाए। पाकिस्तान से अन्य लोग भी अस्थियां लेकर आए हैं, लेकिन उनके पास भी हरिद्वार का वीजा नहीं है। अब उनके पास विकल्प यह है कि  या तो अस्थियां वापस ले जाएं या फिर ब्यास नदी में ही उन्हें विसर्जित कर दें। उनका कहना था कि वीजा बढऩे और हरिद्वार जाने की इजाजत मिलने की उम्मीद ना के बराबर है। विजय हजारी ने बताया कि उनकी संस्था श्री गुरू सेवा वेलफेयर सोसाइटी पाक में रखी अस्थियों को गंगा में विसर्जित करवाने के लिए काम करती हैं। कई परिवार ऐसे हैं, जो पूर्वजों की अस्थियों को मोक्ष के लिए गंगा में विसर्जन के लिए 20-20 साल से वीजा का इंतजार कर रहे हैं। 

पाक से आया 141 हिंदुओं का जत्था
पाक से सोमवार देर रात 141 हिंदुओं का जत्था धार्मिक यात्रा पर अटारी बार्डर के रास्ते अमृतसर पहुंचा। जत्थे के पास केवल अमृतसर का वीजा है। इसमें करीब 70 महिलाए हैं। इन हिंदू श्रदलुओं को अमृतसर में ठहरने के लिए श्री दुग्र्याणा मंदिर प्रबंधक कमेटी ने इंतजाम किया है। कमेटी के प्रधान रमेश शर्मा ने कहा कि शिवरात्रि पर्व मनाने ये लोग यहां आए हैं। 

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