वायरल बुखार ने बढ़ाई चिंता! सेहत विभाग ने जारी की एडवाइजरी

Edited By Kalash,Updated: 26 Jul, 2026 05:00 PM

viral fever health department

मानसून का मौसम शुरू होते ही गुरदासपुर में डेंगू और वायरल फीवर का खतरा तेज़ी से बढ़ने लगा है।

गुरदासपुर (विनोद): मानसून का मौसम शुरू होते ही गुरदासपुर में डेंगू और वायरल फीवर का खतरा तेज़ी से बढ़ने लगा है। शहर के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों, क्लीनिकों और हेल्थ सेंटरों में पिछले कुछ दिनों से तेज बुखार, खांसी, सर्दी, गले में इंफेक्शन, बदन दर्द, सिरदर्द और कमजोरी के मरीज़ों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि बदलते मौसम, बढ़ती नमी और जगह-जगह जमा पानी की वजह से वायरल इंफेक्शन तेज़ी से फैल रहा है, वहीं डेंगू फैलाने वाले एडीज़ मच्छरों के पनपने के लिए भी हालात अच्छे हो गए हैं। हालांकि गुरदासपुर जिले के सिविल अस्पताल में अभी तक डेंगू का कोई मरीज़ नहीं आया है, लेकिन हेल्थ डिपार्टमेंट ने तैयारी कर ली है। इसके लिए एक अलग कमरा भी तैयार किया गया है। क्योंकि वायरल फीवर के कई मरीजों के आने की सम्भावना से अधिकारी इंकार नही कर रहे हैं।

घर-घर लार्वा चेकिंग शुरू 

हेल्थ डिपार्टमेंट ने पूरे जिले में डेंगू के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। डिपार्टमेंट की टीमें अलग-अलग इलाकों में घर-घर जाकर लार्वा चेक कर रही हैं। इसके अलावा फॉगिंग, जागरूकता अभियान और साफ-सफाई पर खास जोर दिया जा रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे अपने घरों, दुकानों और आसपास किसी भी जगह पर पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, पुराने टायर, छत पर रखे गमले और पानी की टैंकियों को रेगुलर साफ करें, क्योंकि इन्हीं जगहों पर डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के पनपने की सबसे ज्यादा संभावना होती है।

तेज बुखार को नजरअंदाज करना खतरनाक 

शहर के माहिर डॉक्टरों के मुताबिक, इन दिनों बड़ी संख्या में मरीज तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और बहुत ज्यादा कमजोरी की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। कई मरीजों में डेंगू जैसे लक्षण भी दिख रहे हैं, जिसके चलते उनके ब्लड टेस्ट और प्लेटलेट्स चेक किए जा रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सभी बुखार डेंगू नहीं होते, लेकिन किसी भी तरह के तेज बुखार को नजऱअंदाज़ करना खतरनाक साबित हो सकता है। समय पर जांच और सही इलाज से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।

डेंगू के मुख्य लक्षण और बचाव

डेंगू के लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द, स्किन पर लाल चकत्ते, उल्टी और प्लेटलेट्स में कमी शामिल हो सकते हैं। अगर मरीज़ को सांस लेने में दिक्कत, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना या बहुत ज़्यादा कमजोरी महसूस हो, तो उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए। इसलिए, डेंगू मच्छर के काटने से बचने के लिए घर में रखे सभी पानी के कंटेनर, कूलर और टैंकियों को पूरी तरह खाली करके साफ कर देना चाहिए ताकि मच्छरों के लार्वा खत्म हो सकें। इसके साथ ही, पूरी बाजू के कपड़े पहनने, मच्छरदानी इस्तेमाल करने और बच्चों को मच्छरों से बचाने की सलाह दी गई है। वायरल बुखार या डेंगू का शक होने पर डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा नहीं लेनी चाहिए। खासकर, पेनकिलर डॉक्टर की सलाह के बाद ही लेनी चाहिए। मरीजों को भरपूर मात्रा में पानी, नारियल पानी, ओ.आर.एस., ताजे फलों का जूस और दूसरे तरल पदार्थ लेने की सलाह दी जा रही है, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।

नागरिकों से सहयोग की जरूरत 

हेल्थ डिपार्टमेंट ने लोगों से अपील की है कि वे साफ-सफाई को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाएं और अगर घर में या उसके आसपास कहीं भी पानी जमा हो तो उसे तुरंत साफ करें। डिपार्टमेंट का कहना है कि लोगों के सहयोग के बिना डेंगू और वायरल बुखार पर असरदार तरीके से कंट्रोल करना मुमकिन नहीं है। अगर हर नागरिक सतर्क रहे और समय पर जांच कराए तो इन बीमारियों के बढ़ते खतरे को काफी हद तक रोका जा सकता है।

हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों का क्या कहना है 

जब इस बारे में हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि फिलहाल सिविल हॉस्पिटल में डेंगू का कोई मरीज नहीं आया है, लेकिन हमने इस बारे में इंतजाम पूरे कर लिए हैं। हेल्थ डिपार्टमेंट की टीमें लगातार लोगों को इस बारे में जागरूक कर रही हैं और अपने आसपास साफ-सफाई रखने और कूलर व गमलों में पानी न रखने के बारे में हिदायतें दी जा रही हैं।

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