स्कूलों में नहीं पहुंचे अध्यापक, विद्यार्थी करते रहे इंतजार, जानें वजह

Edited By Kamini,Updated: 21 Feb, 2022 07:26 PM

teachers did not reach government schools students kept waiting

जिला अमृतसर में सोमवार को खुले सरकारी स्कूलों में विद्यार्थी ने तो दस्तक दी, लेकिन 80 प्रतिशत अध्यापक स्कूलों की कक्षाओं में नहीं..............

अमृतसर (दलजीत शर्मा): जिला अमृतसर में सोमवार को खुले सरकारी स्कूलों में विद्यार्थी ने तो दस्तक दी, लेकिन 80 प्रतिशत अध्यापक स्कूलों की कक्षाओं में नहीं पहुंचे। इसका कारण यह था कि अध्यापक चुनावी ड्यूटी में विभिन्न पोलिंग बूथों पर चुनाव की कमान संभालने के लिए तैनात थे। जिले का तकरीबन 80 प्रतिशत स्टाफ 5466 अध्यापकों को चुनाव के बादअवकाश घोषित कर दिया गया था। जिले के 827 प्राइमरी व 416 अपर प्राइमरी, हाई व सेकेंडरी स्कूलों में इक्का-दुक्का अध्यापक पहुंचे और इन अध्यापकों ने आए विद्यार्थियों को मैनेज किया। 

जानकारी अनुसार  20 फरवरी को संपन्न हुई मतदान प्रक्रिया में जिला प्रशासन ने बड़े स्तर पर शिक्षा विभाग के अध्यापकों की ड्यूटी लगाई थी। अध्यापकों द्वारा बार-बार कहे जाने के बाद भी इस बार भी उनकी ड्यूटी अन्य विभागों के मुकाबले अधिकतर लगी थी। रात 12 बजे तक पोलिंग पार्टियों ने प्रीजाइडिंग अधिकारियों की अगुआई में अपना डाटा जिला प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। कहीं अध्यापक तो ऐसे हैं जो चुनाव के कारण आज सुबह 4:00 बजे अपने घर पहुंचे हैं। जिले में एलिमेंट्री अध्यापकों की गिनती 3200 थी जिनमें 1800 अध्यापक चुनाव ड्यूटी में लगे थे। इस तरह 6 हजार के करीब सेकेंडरी अध्यापक है जिनमें 4666 अध्यापकों की ड्यूटी चुनाव में लगी थी।  जिले के अधिकतर स्कूलों का यह हाल था कि अध्यापक न होने के कारण विद्यार्थी आज बिना पढ़े ही अपने घरों को वापस आए हैं। कहीं स्कूलों में तो इक्का-दुक्का अध्यापक सिर्फ विद्यार्थियों को ही संभालते दिखाई दिए।

उधर डेमोक्रेटिक टीचर फ्रंट के जिला प्रधान अश्वनी अवस्थी ने कहा कि हर बार अध्यापकों की चुनाव ड्यूटी बड़े स्तर पर लगाई जाती है। इस दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई जहां प्रभावित होती है। वही दूसरे विभागों के कर्मचारियों को छोड़ कर शिक्षा विभाग के अध्यापकों को आगे किया जाता है। कोरोना महामारी में पहले ही अध्यापक वर्ग पॉजिटिव पाया जा रहा है। दूसरी तरफ उनकी बड़े स्तर पर चुनाव ड्यूटी लगाई जा रही है। चाहे वह मना नहीं करते पर समूह विभागों के कर्मचारियों की बराबर ड्यूटी लगाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई को मद्देनजर रखते हुए सभी विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जानी चाहिए ताकि चुनावों के समय विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो। उधर दूसरी तरफ जिला शिक्षा अधिकारी एलिमेंट्री राजेश शर्मा ने कहा कि सरकार ने चुनावी ड्यूटी में तैनात अध्यापकों को सोमवार को अवकाश घोषित किया था, जिस कारण अध्यापक स्कूलों में नहीं आए थे। शेष अध्यापकों ने विद्यार्थियों को पढ़ाया है। 

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