स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था पर संकट, सर्वे के लिए 17,000 से अधिक शिक्षकों की ड्यूटी

Edited By Kamini,Updated: 18 Jun, 2026 04:58 PM

teachers assigned to survey duty

पंजाब में शिक्षा की हालत बद से बदतर होती जा रही है। टीचरों को गैर-शिक्षा वाले कामों में शामिल करके स्कूलों से निकाल दिया गया है।

पंजाब डेस्क : पंजाब में शिक्षा की हालत बद से बदतर होती जा रही है। टीचरों को गैर-शिक्षा वाले कामों में शामिल करके स्कूलों से निकाल दिया गया है। इस बारे में जानकारी देते हुए टीचरों के प्रतिनिधि संगठन डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट, लुधियाना पंजाब के ज़िला प्रेसिडेंट दलजीत सिंह और सेक्रेटरी हरजीत सिंह सुधार ने बताया कि पंजाब के 17000 से ज़्यादा टीचरों को BLO ड्यूटी पर SIR सर्वे करने के लिए स्कूलों से निकाल दिया गया है। वे आने वाले महीनों में घर-घर जाकर वोटरों के फ़ॉर्म भरेंगे और उन्हें ऑनलाइन अपलोड करेंगे, जो एक लंबा प्रोसेस है और कई महीनों तक चलेगा।

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इस ड्रग सेंसस और 'मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार स्कीम' के नाम पर करीब 20 हजार टीचरों को स्कूलों से निकाल दिया गया है। हजारों टीचरों ने मई में सेंसस का पहला फ़ेज पूरा कर लिया है और अब जून में दूसरा फेज करेंगे। इस बीच, नवंबर में विधानसभा चुनाव कराने की तैयारी चल रही है, इसलिए हज़ारों टीचर करीब 2 महीने में वह प्रोसेस पूरा कर लेंगे। सीनियर वाइस प्रेसिडेंट दविंदर सिंह सिद्धू, जॉइंट सेक्रेटरी गुरप्रीत सिंह खन्ना ने भी BLO और जनगणना में लगे टीचरों के ट्रांसफर रोकने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि अपने घरों से सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठे टीचर ट्रांसफर का इंतजार कर रहे थे। लेकिन डिपार्टमेंट का अचानक यह फैसला लेना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।

ऑर्गनाइजेशन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट गुरदीप सिंह हेरां, प्रेस सेक्रेटरी होशियार सिंह और फाइनेंस सेक्रेटरी गुरबचन सिंह ने कहा कि पहले से ही प्रिंसिपल, हेडमास्टर, लेक्चरर, मास्टर और ETT टीचरों के हजारों खाली पद भगवंत मान सरकार की शिक्षा क्रांति का जुलूस निकाल रहे हैं। नेताओं ने कहा कि जिन स्कूलों में टीचर नहीं हैं, वहां स्टूडेंट्स को कौन पढ़ाएगा? नेताओं ने कहा कि कुछ जिलों में टीचरों पर FIR करने और सैलरी रोकने की धमकी देकर उन्हें ये काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिसे डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट पंजाब बर्दाश्त नहीं करेगा। 

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    नेताओं ने कहा कि 18 और 19 जून को इन गैर-शिक्षा गतिविधियों के विरोध में पूरे पंजाब में जिला लेवल पर डिप्टी कमिश्नरों को मांग पत्र भेजे जाएंगे। इस समय ब्लॉक अध्यक्ष खन्ना हरपिंदर शाही, ब्लॉक अध्यक्ष समराला जसकरन सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष दोराहा अमनदीप सिंह, हरदीप सिंह ब्लॉक अध्यक्ष सिधवां बेट, लाल सिंह ब्लॉक अध्यक्ष मंगत, ब्लॉक अध्यक्ष लुधियाना अरविंदर भंगू, ब्लॉक अध्यक्ष माछीवाड़ा साहिब राजिंदर सिंह, गुरप्रीत माही, परमजीत सिंह ब्लॉक सचिव खन्ना, जगविंदर सिंह अकालगढ़, सुखमिंदर सिंह अकालगढ़, बलजीत सिंह माछीवाड़ा, राजिंदर सिंह, जसवीर सिंह अध्यापक साथी मौजूद थे।

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