‘पंजाब की जनता को हिसाब चाहिए’, तरुण चुघ ने नशे, कानून-व्यवस्था और कर्ज पर उठाए सवाल

Edited By Urmila,Updated: 23 Oct, 2026 04:40 PM

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भाजपा नेता तरुण चुघ ने पंजाब सरकार से राज्य पर चढ़े करीब पौने 5 लाख करोड़ रुपये के कर्ज का हिसाब देने की मांग की है।

 चंडीगढ़ : भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं सांसद तरुण चुघ ने पंजाब सरकार द्वारा नशे के खिलाफ कार्रवाई के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विशेष शक्तियां देने संबंधी अधिसूचना पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंजाब की जनता ने आम आदमी पार्टी को 60 महीने सरकार चलाने का जनादेश दिया था, लेकिन 56 महीने बीत जाने के बाद सरकार को नशे के राक्षस पर लगाम लगाने के लिए पुलिस को विशेष शक्तियां देने की जरूरत महसूस हुई। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय बाद उठाया गया यह कदम सरकार की प्राथमिकताओं, तैयारी और अब तक की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह भगवंत मान सरकार की नालायकी, निकम्मापन और नौसिखियापन को उजागर करता है।

चुग ने कहा कि पंजाब आज नशे की समस्या, बिगड़ती कानून-व्यवस्था, गैंगस्टरों की गतिविधियों, खनन माफिया, राज्य पर बढ़ते कर्ज और कर्मचारियों व पेंशनभोगियों के लंबित महंगाई भत्ते (DA/DR) जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। पिछले एक महीने में नशे से जुड़ी मौतों और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों से संबंधित घटनाओं ने पंजाब के परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे समय में मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है कि वे विधानसभा में इन मुद्दों पर जवाब दें और अपनी सरकार के कामकाज का हिसाब रखें। चुघ ने आरोप लगाया कि इन गंभीर सवालों का जवाब देने के बजाय राजनीतिक भाषणों से जनता का ध्यान भटकाया जा रहा है, जो पंजाबियों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।

पंजाब सरकार की 21 अक्टूबर 2026 की अधिसूचना में NDPS अधिनियम के तहत निर्धारित उद्देश्यों के लिए पुलिस आयुक्तों तथा पुलिस रेंज के प्रभारी IG रैंक या उससे ऊपर के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को विशेष शक्तियां प्रदान की गई हैं। इस पर चुग ने सवाल उठाया कि यदि नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए इन शक्तियों की जरूरत थी, तो सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम महीनों तक इंतजार क्यों किया? उन्होंने मांग की कि सरकार पिछले 56 महीनों में नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने, नशे की आपूर्ति रोकने और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए उठाए गए कदमों तथा उनसे हासिल परिणामों का पूरा विवरण सार्वजनिक करे। चुग ने कहा कि केवल अधिसूचना जारी करना सफलता का प्रमाण नहीं है; सरकार को जमीन पर प्रभावी कार्रवाई करके दिखानी होगी।

चुघ ने कहा कि मान सरकार को राज्य में कानून-व्यवस्था और गैंगस्टरवाद पर भी अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखना चाहिए। सरकार बताए कि गैंगस्टरों के नेटवर्क के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई, अपराधों पर नियंत्रण के लिए कौन-सी रणनीति अपनाई गई और खनन माफिया के खिलाफ उठाए गए कदमों के क्या परिणाम निकले। उन्होंने राज्य के बढ़ते कर्ज और वित्तीय प्रबंधन पर भी श्वेत पत्र जारी करने की मांग की, ताकि पंजाब की जनता को पता चल सके कि सरकारी संसाधनों का उपयोग कैसे किया गया और राज्य की वित्तीय चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार के पास क्या योजना है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान के विधानसभा में SIR को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चुघ ने कहा कि जब पंजाब नशे, अपराध, गैंगस्टरवाद और कर्मचारियों-पेंशनभोगियों के लंबित DA/DR जैसे गंभीर मुद्दों पर जवाब मांग रहा है, तब SIR पर राजनीतिक बयानबाजी इन सवालों से ध्यान हटाने का प्रयास प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाना किसी का भी अधिकार है, लेकिन आरोपों के साथ विशिष्ट मामले और ठोस प्रमाण सामने रखे जाने चाहिए। यदि मुख्यमंत्री के पास किसी अनियमितता के प्रमाण हैं, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए। मतदाता सूचियों की शुद्धता बनाए रखना और प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा करना आवश्यक है; इसलिए इस विषय पर बहस तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए।

चुघ ने कहा कि विधानसभा में मुख्यमंत्री को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय अपने कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा से मांग की कि वे सरकार के पिछले चार वर्ष नौ महीने के कामकाज पर विस्तृत श्वेत पत्र प्रस्तुत करें। इसमें नशे के खिलाफ कार्रवाई, कानून-व्यवस्था, गैंगस्टरों और खनन माफिया के खिलाफ उठाए गए कदम, राज्य के बढ़ते कर्ज तथा कर्मचारियों-पेंशनभोगियों के लंबित DA/DR का पूरा विवरण शामिल हो। सरकार यह भी बताए कि शेष कार्यकाल में इन समस्याओं के समाधान के लिए कौन-से कदम उठाए जाएंगे और उनकी समयसीमा क्या होगी।

उन्होंने कहा कि पंजाब के कर्मचारी और पेंशनभोगी अपने बकाया DA/DR के भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार को बकाया राशि, भुगतान की मौजूदा स्थिति और भुगतान की स्पष्ट समयसीमा सार्वजनिक करनी चाहिए। अपने हक की राशि प्राप्त करना कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का अधिकार है, सरकार की ओर से कोई एहसान नहीं।

चुघ ने कहा कि पंजाब को भाषणों और घोषणाओं से आगे बढ़कर जवाबदेही की जरूरत है। नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई, नागरिकों की सुरक्षा, गैंगस्टरवाद पर नियंत्रण, खनन माफिया के खिलाफ प्रभावी कदम, वित्तीय पारदर्शिता और कर्मचारियों-पेंशनभोगियों के बकाया का भुगतान—हर मुद्दे पर मान सरकार को अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखना चाहिए। मुख्यमंत्री को बताना होगा कि 56 महीनों में उनकी सरकार ने क्या हासिल किया और शेष समय में क्या करने की योजना है। पंजाब की जनता अब राजनीतिक बयानबाजी नहीं, स्पष्ट जवाब और ठोस परिणाम चाहती है।

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