Edited By Vatika,Updated: 25 Jun, 2026 01:52 PM

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने 25 जून 1989 को मोगा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
मोगा: भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने 25 जून 1989 को मोगा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखा पर हुए आतंकी हमले में शहीद हुए स्वयंसेवकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि "जिस मिट्टी में RSS के देशभक्त स्वयंसेवकों का लहू गिरा है, वह मेरे लिए तीर्थ के समान है।"
ਅੱਜ ਮੋਗਾ ਵਿਖੇ ਸ਼ਹੀਦ ਸਮਾਰਕ 'ਤੇ, 25 ਜੂਨ, 1989 ਨੂੰ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਸਵੈਮ ਸੇਵਕ ਸੰਘ ਦੀ ਸ਼ਾਖਾ 'ਤੇ ਪਾਕਿਸਤਾਨ-ਪ੍ਰਯੋਜਿਤ ਅੱਤਵਾਦੀ ਹਮਲੇ ਵਿੱਚ ਸ਼ਹੀਦ ਹੋਏ ਬਹਾਦਰ #ਸਵਯਮਸੇਵਕਾਂ ਨੂੰ ਦਿਲੋਂ ਸ਼ਰਧਾਂਜਲੀ ਭੇਟ ਕੀਤੀ ਗਈ।
37 ਸਾਲ ਪਹਿਲਾਂ, ਅੱਤਵਾਦੀਆਂ ਨੇ ਸ਼ਾਖਾ 'ਤੇ "ਭਾਰਤ ਮਾਤਾ ਦੀ ਜੈ" ਦੇ ਨਾਅਰੇ ਲਗਾ ਰਹੇ ਨਿਹੱਥੇ ਅਤੇ ਮਾਸੂਮ… pic.twitter.com/ViGqv18Qdm
— Tarun Chugh (@tarunchughbjp) June 25, 2026
मोगा स्थित शहीदी पार्क में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए तरुण चुघ ने कहा कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों ने निहत्थे और निर्दोष स्वयंसेवकों पर गोलियां चलाकर मानवता के खिलाफ जघन्य अपराध किया था। उन्होंने कहा कि यह हमला केवल स्वयंसेवकों पर नहीं, बल्कि पंजाब की शांति, भाईचारे, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता पर भी हमला था। चुघ ने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने हमेशा पंजाब, पंजाबियत और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवकों का बलिदान देश हमेशा सम्मान के साथ याद रखेगा।
बलिदान को न हम भूले हैं, न भूलेंगे और न ही कभी भुलाने देंगे
इस दौरान तरुण चुघ ने 25 जून 1989 के आतंकी हमले में शहीद हुए स्वयंसेवकों के परिजनों से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि अपने प्रियजनों के बलिदान के बाद भी संघ के प्रति उनके परिवारों का अटूट विश्वास, समर्पण और संगठन के संस्कारों के प्रति निष्ठा सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि "25 जून 1989 के उस महान बलिदान को न हम भूले हैं, न भूलेंगे और न ही कभी भुलाने देंगे। पंजाब की शांति, प्रगति, भाईचारे और राष्ट्र निर्माण में RSS की भूमिका हमेशा प्रेरणा देती रहेगी।" श्रद्धांजलि समारोह की शुरुआत संघ के वरिष्ठ प्रचारक के बौद्धिक से हुई, जिसमें 25 जून 1989 की घटना का विस्तार से उल्लेख किया गया। कार्यक्रम में संघ पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, शहीद परिवारों और बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान "भारत माता की जय", "वंदे मातरम्" और "मोगा शाखा के शहीद अमर रहें" के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।