Edited By Sunita sarangal,Updated: 04 Sep, 2026 05:09 PM

सरदार मोहनजीत सिंह ने भगवंत मान की लोक मिलनी के दौरान पंजाब में बढ़ते नशे और AAP सरकार की नाकामी और पंजाब में व्याप्त नशे के जाल के विरोध में काली झंडी दिखाई थी।
चंडीगढ़: भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने आज कहा कि पंजाब में भगवंत मान-अरविंद केजरीवाल की सरकार ने बर्बरता और दमन की सारी हदें पार कर दी हैं। संगरूर के शेरों गांव के मोहनजीत सिंह सिद्धू के साथ अमानवीय पुलिस यातना की घटना ने साफ कर दिया है कि आप सरकार अपनी नाकामियों पर सवाल उठाने वाली हर आवाज को पुलिस के जबर एवं अत्याचार के गुंडा राज से दबाना चाहती है।
सरदार मोहनजीत सिंह ने भगवंत मान की लोक मिलनी के दौरान पंजाब में बढ़ते नशे और AAP सरकार की नाकामी और पंजाब में व्याप्त नशे के जाल के विरोध में काली झंडी दिखाई थी। जनता के सवालों का जवाब देने के बजाय भगवंत मान ने पुलिसिया थर्ड डिग्री जुल्म का रास्ता चुना अत्याचार एवं अमानवीय यातनाएं देकर सच की आवाज दबाने का प्रयास एवं षड्यंत्र रचा गया। मोहनजीत का आरोप है कि उन्हें नंगा करके पीटा गया, शरीर पर ब्लेड मार कर नमक डाला गया बिजली के झटके दिए गए और उनकी दाढ़ी तथा सिर के बाल नोचे गए। उनकी बुजुर्ग मां और बहन को भी कथित तौर पर प्रताड़ित और अपमानित किया गया।
चुघ ने कहा कि सबसे गंभीर आरोप यह है कि जिस समय इस नौजवान को कथित तौर पर यातनाएं दी जा रही थीं, उस समय उसके वीडियो आप आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं को वीडियो कॉल के जरिए लाइव अत्याचार दिखाया जा रहा था। अगर यह आरोप सही है, तो सवाल सिर्फ पुलिस की बर्बरता का नहीं, बल्कि उस राजनीतिक संरक्षण का है जिसके साए में यह सब हुआ।
चुघ ने कहा कि पंजाब पुलिस को नशे, रंगदारी, गैंगस्टरों और माफिया के खिलाफ लड़ना चाहिए था, लेकिन AAP सरकार में पुलिस की थर्ड डिग्री अत्याचार का इस्तेमाल उन आम नागरिकों को चुप कराने हेतु किया जा रहा है जो सरकार से सवाल पूछने की हिम्मत करते हैं। जब पुलिस को राजनीतिक हथियार बनाकर विरोध की आवाज दबाई जाए, तो AAP सरकार और पुलिसिया अमानवीय, अलोकतांत्रिक गुंडागर्दी में कोई फर्क नहीं रह जाता।
चुघ ने मोहनजीत सिंह से वीडियो कॉल के जरिए बात कर उनका हाल जाना और उन्हें भरोसा दिलाया कि हर पंजाबी उनके साथ खड़ा है और भारतीय जनता पार्टी मोहनजीत को न्याय दिलाने के लिए हर संभव सहयोग करेगी। चुघ ने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने की सजा किसी नागरिक को प्रताड़ना के रूप में नहीं दी जा सकती और भाजपा मोहनजीत तथा उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।
चुघ ने पत्र लिख कर मांग की कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग इस मामले का स्वत: संज्ञान लेकर स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच कराए और दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक पुलिस अधिकारी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करवा कर पीड़ित को न्याय दिलाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित और उसके परिवार को सुरक्षा दी जाए तथा दोषियों पर कानून की पूरी ताकत से कार्रवाई हो।
चुघ ने कहा कि अरविंद केजरीवाल डर और दमन के जरिए पंजाब की आवाज दबाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पंजाब के लोगों की आवाज को नहीं दबा सकती। पंजाब की जनता इस तानाशाही सरकार को माकूल जवाब देगी।
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