Edited By Urmila,Updated: 04 Sep, 2026 12:17 PM

कनाडा में पंजाब मूल के पूर्व पुलिस अधिकारी कलविंदर दोसांझ पर धोखाधड़ी, चोरी और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे हैं।
पंजाब डेस्क/वैंकूवर: कनाडा में पंजाब मूल के पूर्व पुलिस अधिकारी कलविंदर दोसांझ पर धोखाधड़ी, चोरी और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे हैं। वैंकूवर पुलिस ने करीब ढाई साल तक चली जांच के बाद उन्हें सरे स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया है। हालांकि, दोसांझ के वकीलों ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए उन्हें निर्दोष बताया है।
जानकारी के मुताबिक, कलविंदर दोसांझ वैंकूवर पुलिस विभाग में 25 साल से ज्यादा समय तक सेवाएं दे चुके हैं। वह पुलिस की फाइनेंशियल क्राइम यूनिट में सीनियर डिटेक्टिव भी रह चुके हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ कुल 9 आरोप दर्ज किए हैं। इनमें 5 हजार कनाडाई डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी के 4, चोरी के 4 और लोक सेवक के तौर पर विश्वास के उल्लंघन का एक मामला शामिल है।
इस केस में 51 वर्षीय सरबजीत सिंह गिल को भी सह-आरोपी बनाया गया है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी और चोरी से जुड़े 6 आरोप लगाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों से जुड़े कथित वित्तीय अपराध दिसंबर 2017 से जुलाई 2025 के बीच वैंकूवर, सरे और ब्रिटिश कोलंबिया के अलग-अलग इलाकों में हुए।
चैरिटी के दफ्तर पर भी पुलिस की कार्रवाई
दोसांझ की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके सरे स्थित घर के साथ-साथ 'किड्सप्ले फाउंडेशन' के कार्यालय की भी तलाशी ली। पुलिस टीमों ने कार्रवाई के दौरान दस्तावेजों और डिजिटल सामग्री से जुड़े कई सबूत कब्जे में लिए हैं। पुलिस के मुताबिक, यह जांच लंबे समय से गोपनीय तरीके से चल रही थी।
युवाओं को नशे और अपराध से दूर रखने के लिए बनाई थी संस्था
कलविंदर दोसांझ ने साल 2015 में 'किड्सप्ले फाउंडेशन' की शुरुआत की थी। संस्था के जरिए जोखिम वाले माहौल में रहने वाले बच्चों और युवाओं को खेल, मेंटरशिप और दूसरी गतिविधियों से जोड़ने का काम किया जाता था। इसका उद्देश्य युवाओं को नशे, गैंग गतिविधियों और अपराध से दूर रखना था। मामले में सबसे ज्यादा चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि आरोपों का सामना कर रहे दोसांझ खुद पुलिस की वित्तीय अपराध जांच इकाई में काम कर चुके हैं।
वकीलों ने आरोपों को बताया गलत
दोसांझ की कानूनी टीम ने पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। वकीलों का कहना है कि उनके मुवक्किल ने कोई अपराध नहीं किया और उन्हें निर्दोष साबित होने का पूरा भरोसा है। उनका यह भी कहना है कि सिर्फ गिरफ्तारी के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। फिलहाल मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है और अदालत में सुनवाई शुरू होनी बाकी है। पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों से जुड़ी पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
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