चंडीगढ़ भाजपा दफ्तर के बाहर धमाका: ग्रेवाल का बड़ा दावा—“मुझ पर भी निगरानी और हमले की कोशिश"

Edited By Vatika,Updated: 02 Apr, 2026 02:18 PM

sukhminderpal singh grewal statement

सैक्टर-37 चंडीगढ़ स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यालय के बाहर हुए कथित ग्रेनेड

लुधियाना: सेक्टर-37 चंडीगढ़ स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यालय के बाहर हुए कथित ग्रेनेड हमले को लेकर राष्ट्रीय भाजपा नेता और अधिवक्ता सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल (भुखड़ी कलां) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा।
 

ग्रेवाल ने कहा कि भाजपा कार्यालय के बाहर हुआ हमला सिर्फ एक राजनीतिक दल पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र, राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की गरिमा पर सीधा हमला है। उन्होंने दावा किया कि खालिस्तानी आतंकी सुखजिंदर सिंह बब्बर द्वारा हमले की जिम्मेदारी लेने से यह स्पष्ट होता है कि बब्बर खालसा इंटरनेशनल समेत अन्य चरमपंथी संगठन पंजाब में फिर से सक्रिय हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह दो हमलावर दोपहिया वाहन पर आए और शाम करीब 5 बजे कार्यालय के बाहर कथित तौर पर विस्फोटक फेंककर फरार हो गए, वह सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रेवाल के मुताबिक, धमाका कम तीव्रता का था या नहीं, यह अहम नहीं है, बल्कि चिंता की बात यह है कि आतंकी तत्व बढ़ते आत्मविश्वास के साथ सक्रिय हो रहे हैं।

“मुझ पर भी निगरानी और हमले की कोशिश”
ग्रेवाल ने यह भी खुलासा किया कि हाल ही में उनके गांव भुखड़ी कलां स्थित घर के पास संदिग्ध गतिविधि देखी गई। उन्होंने बताया कि 27 मार्च 2026 को एक संदिग्ध टोयोटा इनोवा (नंबर CH01 AD 6591) ने उनके वाहन का पीछा किया। जैसे ही वह अपने सुरक्षा कर्मी के साथ घर पहुंचे, उक्त वाहन तेज गति से लौट गया। बाद में वही गाड़ी इलाके में कई बार घूमती देखी गई, जिससे उन्हें अपने खिलाफ साजिश की आशंका हुई। उन्होंने इस संबंध में पंजाब के डीजीपी और लुधियाना के पुलिस कमिश्नर को शिकायत भेजकर एफआईआर दर्ज करने, जांच कराने और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।

सरकार पर साधा निशाना
ग्रेवाल ने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक हो चुकी है और अलगाववादी ताकतें दोबारा सिर उठा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इन तत्वों पर कार्रवाई करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से भारत विरोधी गतिविधियों और चरमपंथी नेटवर्क के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं, जिसके चलते उन्हें लगातार धमकियां मिलती रही हैं। बावजूद इसके, वह देश की एकता और संप्रभुता के लिए अपनी आवाज उठाते रहेंगे। ग्रेवाल ने सरकार से मांग की कि खालिस्तानी आतंकी नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की जाए, अन्यथा हालात और गंभीर हो सकते हैं।

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