वन्य जीव-जंतुओं और पक्षियों के संरक्षण के लिए रचनात्मक कदम उठाने की जरूरत : धर्मसोत

Edited By swetha,Updated: 19 Feb, 2020 11:28 AM

sadhu singh dharmsot

पंजाब के वन मंत्री साधु सिंह धर्मसोत ने वन्य जीव-जंतुओं और पक्षियों के संरक्षण के लिए रचनात्मक कदम उठाने पर जोर दिया है जिससे देश में जीव-जंतुओं और पक्षियों कविभिन्न प्रजातियों को विलुप्त होने से बचाया जा सके।

खन्ना/चंडीगढ़(कमल, अश्वनी): पंजाब के वन मंत्री साधु सिंह धर्मसोत ने वन्य जीव-जंतुओं और पक्षियों के संरक्षण के लिए रचनात्मक कदम उठाने पर जोर दिया है जिससे देश में जीव-जंतुओं और पक्षियों कविभिन्न प्रजातियों को विलुप्त होने से बचाया जा सके।

धर्मसोत ने उक्त विचारों का प्रकटावा गांधीनगर गुजरात में आयोजित  की जा रही ‘13वीं अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रैंस ऑफ पार्टीज’ (सी.एम.एस.-सी.ओ.पी.-13) के मौके पर केंद्रीय वातावरण और वन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के साथ की मुलाकात के दौरान किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न वन्य जीव-जंतुओं और पक्षियों के रहने के स्थानों की संभाल करने के लिए विशेष कदम उठाए जाने की जरूरत है। 

धर्मसोत ने कहा कि वन विभाग पंजाब के अधिकारियों ने इस अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रैंस में शामिल होकर पंजाब में हर साल आकर्षित होकर आने वाले 2 लाख प्रवासी पक्षियों के आवास, इनकी महत्ता और इनसे संबंधित भविष्य में बनाई जाने वाली योजनाओं संबंधी चर्चा की है।  धर्मसोत ने कहा कि इस अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रैंस में प्रवासी पक्षियों संबंधी बनाई गई सांझी नीति के अनुसार पंजाब में आने वाले लगभग 2 लाख से अधिक प्रवासी पक्षियों के लिए पंजाब के हरिके, रोपड़, नंगल, ब्यास, कांजली और केशोपुर आदि वैटलैंड्ज को और प्रफुल्लित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मांग की कि पंजाब सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपए की लागत से पंजाब की वैटलैंड्ज और रामसर साइटों के विकास के लिए बनाई गई योजनाओं को मंजूर करके फंड जल्दी जारी किए जाएं। 

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