Edited By Kalash,Updated: 05 Apr, 2025 02:29 PM

जिस वजह से दिक्कतें और भी ज्यादा बढ़ रही है।
जालंधर (चोपड़ा): रीजनल ट्रांसपोर्ट अधिकारी (आर.टी.ओ.) कार्यालय में पिछले लंबे समय से चल रही स्टाफ की कमी के चलते ट्रांसपोर्ट विभाग से संबंधित कामों को लेकर जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं जो चुनिंदा स्टाफ स्थानीय जिला प्रशासनिक काम्पलैक्स में स्थित ट्रांसपोर्ट कार्यालय में है भी, उसे भी कोर्ट केसों को लेकर अदालतों का रुख करना पड़ रहा है, जिस वजह से दिक्कतें और भी ज्यादा बढ़ रही है।
आज भी आर.टी.ओ. में तैनात स्टाफ कर्मी लुधियाना, कपूरथला सहित विभिन्न शहरों में कोर्ट केसों को लेकर आए सम्मन के कारण तारीखें भुगतने को चले गए, जिस वजह से आर.टी.ओ. में बनी पब्लिक विंडो बंद रही और दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले लोगों को बिना काम कराए बैरंग लौटने को मजबूर होना पड़ा। इस संबंध में जब जानकारी हासिल की गई तो आर.टी.ओ. में तैनात सीनियर सहायक किरणजीत कौर लुधियाना कोर्ट में केस के सिलसिले में गई।
जूनियर सहायक मनप्रीत कौर को कपूरथला कोर्ट में भेजा गया, जबकि आर.टी.ओ. में तैनात सक्शन ऑफिसर मनीष कुमार चंडीगढ़ गया हुआ था। इतना ही नहीं सोसायटी का तैनात एक कर्मचारी जतिन्दर सिंह छुट्टी पर चल रहा है और सोसायटी की ही करुणा मक्कड़ ऑटोमेटेड ड्राइविंग टैस्ट सैंटर नजदीक बस स्टैंड पर ड्यूटी करने गई हुई है, जिस वजह से आर.टी.ओ. में केवल क्लर्क रमेश कुमार और अमनदीप सिंह ही काम करते दिखाई दिए और सोसायटी की ही महिला कर्मी कुलदीप कौर ड्यूटी चालान खिड़की पर ड्यूटी निपटा रही थी।
इसी संदर्भ में परेशान लोगों का कहना था कि अगर सरकार अपने ट्रांसपोर्ट विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग को संभाल नहीं सकती तो इसकी सेवाएं पूर्ण तौर पर प्राइवेट हाथों में दे देनी चाहिए अन्यथा विभागीय स्टाफ की कमी को दूर करे ताकि लोगों की परेशानियों का हल हो और उनके कामों का निर्धारित समय में निपटारा हो सके।
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