Edited By Subhash Kapoor,Updated: 11 Aug, 2026 05:25 PM

रिकास्ट सूचियों से प्रभावित अध्यापक फ्रंट के आह्वान पर जिला लुधियाना के अध्यापकों ने एकत्र होकर सहायक कमिश्नर जनरल लुधियाना पायल गोयल के माध्यम से मुख्यमंत्री पंजाब और शिक्षा मंत्री पंजाब को मांगपत्र भेजा।
लुधियाना : रिकास्ट सूचियों से प्रभावित अध्यापक फ्रंट के आह्वान पर जिला लुधियाना के अध्यापकों ने एकत्र होकर सहायक कमिश्नर जनरल लुधियाना पायल गोयल के माध्यम से मुख्यमंत्री पंजाब और शिक्षा मंत्री पंजाब को मांगपत्र भेजा।
इस संबंध में जानकारी देते हुए डीटीएफ लुधियाना के महासचिव रुपिंदरपाल सिंह गिल ने बताया कि विभागीय/दफ्तर की गलतियों के कारण पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन पिछले समय में हुई विभिन्न भर्तियों—4161 मास्टर कैडर, 2392 मास्टर कैडर और 6635 ईटीटी कैडर—की चयन सूचियों को अलग-अलग आधारों पर दोबारा रिकास्ट किया गया है। इनमें ईडब्ल्यूएस आरक्षण का सही वितरण न होना अथवा उत्तर कुंजियों को संशोधित किया जाना आदि कारण शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि रिकास्ट की गई सूचियों के चलते लंबे समय से अपने-अपने स्कूलों में सेवाएं दे रहे कई अध्यापकों को चयन सूची से बाहर कर दिया गया है और उनके खिलाफ टर्मिनेशन संबंधी शो-कॉज नोटिस जारी किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, 4161 मास्टर कैडर भर्ती के 253, 2392 मास्टर कैडर भर्ती के 40 और 6635 ईटीटी भर्ती के 108 अध्यापक प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा 4161 मास्टर कैडर और 6635 ईटीटी कैडर भर्ती के प्रभावित अध्यापकों का प्रोबेशन पीरियड भी क्लियर नहीं किया गया है, जबकि उनके प्रोबेशन के तीन वर्ष पूरे हो चुके हैं। इन अध्यापकों को तबादलों में भी कोई अवसर नहीं दिया गया है।
अध्यापक नेता अवतार सिंह खालसा ने मांग की कि टर्मिनेशन संबंधी जारी किए गए शो-कॉज नोटिस तुरंत वापस लिए जाएं और इन अध्यापकों का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित किया जाए। उन्होंने मांग की कि प्रोबेशन अवधि को तुरंत क्लियर करके पंजाब पे-स्केल के अनुसार बनते भत्ते लागू किए जाएं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शो-कॉज नोटिस रद्द नहीं किए गए तो 16 अगस्त को पंजाब की भाईचारा जत्थेबंदियों के साथ मिलकर मुख्यमंत्री के निवास स्थान के बाहर विशाल धरना लगाया जाएगा।
अध्यापकों ने मांग की कि रिकास्ट सूचियों के कारण अध्यापकों को नौकरी से बाहर करने की नीति बंद की जाए। स्कूलों में पहले से ही अध्यापकों की भारी कमी है, ऐसे में सरकार को इस संवेदनशील मुद्दे पर तुरंत ध्यान देते हुए जल्द से जल्द समस्या का समाधान करना चाहिए।
इस मौके पर 4161 मास्टर कैडर अध्यापक यूनियन की ओर से जसविंदर सिंह ऐतियाणा, राज्य वित्त सचिव, रिंकू कंबोज तथा 6635 अध्यापक यूनियन से जिला प्रधान परमिंदर मलौद, अरमिंदर सिंह सहित अन्य अध्यापक साथी मौजूद रहे।