Ludhiana में चालान से छिड़ा सियासी तूफान! AAP विधायक व पार्षद पर दबाव के आरोप

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 07 Apr, 2026 06:57 PM

political storm erupts in ludhiana over traffic challans major questions raised

शहर में शनिवार को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर घोषित रेड अलर्ट के दौरान लगाए गए पुलिस नाकों में से एक सुंदर नगर चौक पर हुआ एक मामूली चालान अब बड़ा राजनीतिक विवाद बनता जा रहा है। मामले में ड्यूटी पर तैनात एएसआई दविंदर सिंह का अचानक तबादला होने से पुलिस...

लुधियाना ( गणेश/सचिन ) : शहर में शनिवार को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर घोषित रेड अलर्ट के दौरान लगाए गए पुलिस नाकों में से एक सुंदर नगर चौक पर हुआ एक मामूली चालान अब बड़ा राजनीतिक विवाद बनता जा रहा है। मामले में ड्यूटी पर तैनात एएसआई दविंदर सिंह का अचानक तबादला होने से पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, रेड अलर्ट के मद्देनज़र शहरभर में करीब 38 स्थानों पर पुलिस नाके लगाए गए थे। इसी दौरान सुंदर नगर चौक पर एएसआई दविंदर सिंह अपनी टीम के साथ नियमित जांच कर रहे थे। इसी दौरान एक प्रवासी व्यक्ति को रोका गया, जिसके दस्तावेजों में कमी पाए जाने पर नियमों के तहत चालान काटा गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चालान कटने के बाद संबंधित व्यक्ति ने खुद को सेंट्रल हलके के एक विधायक से जुड़ा बताते हुए मौके पर फोन पर बात करवाने की कोशिश की। हालांकि एएसआई ने स्पष्ट रूप से यह कहते हुए मना कर दिया कि एक बार चालान हो जाने के बाद किसी भी प्रकार की सिफारिश का कोई औचित्य नहीं बनता।

विवाद ने लिया राजनीतिक रूप

चालान की इस कार्रवाई के तुरंत बाद मामला तूल पकड़ता चला गया। सूत्रों के अनुसार, आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े स्थानीय विधायक और एक पार्षद का नाम इस विवाद में सामने आ रहा है। आरोप है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई को लेकर दबाव बनाया गया। हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। विपक्षी दलों ने भी इस घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।

एएसआई का तबादला बना सबसे बड़ा सवाल

मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब ड्यूटी निभा रहे एएसआई दविंदर सिंह का तबादला कर दिया गया। जानकारी के अनुसार उन्हें सराभा नगर क्षेत्र में तैनात किया गया है। इस अचानक हुए तबादले को लेकर पुलिस महकमे के भीतर भी चर्चा है कि क्या यह सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है या फिर किसी दबाव का परिणाम। आमतौर पर रेड अलर्ट जैसे संवेदनशील समय में ड्यूटी कर रहे अधिकारी का तुरंत तबादला होना कई सवाल खड़े करता है।

एएसआई का पक्ष: “ड्यूटी निभाने की मिली सजा”

सूत्रों के मुताबिक, एएसआई दविंदर सिंह ने अपने स्तर पर यह कहा है कि उन्होंने पूरी तरह नियमों के तहत कार्रवाई की थी। उनका कहना है कि यदि पुलिस कर्मियों को कानून के अनुसार काम करने पर इस तरह के परिणाम भुगतने पड़ें, तो इससे पुलिस बल का मनोबल प्रभावित होता है। उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता के हित में काम करना चाहिए, न कि पुलिस पर अनावश्यक दबाव बनाकर कानून व्यवस्था को प्रभावित करना चाहिए।

थाना प्रभारी की प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले में संबंधित थाना प्रभारी की ओर से सफाई देते हुए कहा गया है कि तबादले विभागीय प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं और समय-समय पर किए जाते हैं। उन्होंने किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव से इनकार किया है। हालांकि, यह भी सामने आया है कि घटना के समय थाना प्रभारी स्वयं मौके पर मौजूद थे, लेकिन इसके बावजूद एएसआई के समर्थन में कोई स्पष्ट रुख सामने नहीं आया, जिससे पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

विपक्ष ने साधा निशाना

विपक्षी दलों ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि राज्य में कानून व्यवस्था पर राजनीतिक प्रभाव बढ़ता जा रहा है। विपक्ष का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

क्या कहता है प्रशासन

फिलहाल प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि मामले की आंतरिक स्तर पर जांच की जा सकती है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!