Edited By Kalash,Updated: 25 Jul, 2026 01:14 PM

रैवेन्यू पटवार यूनियन के आह्वान पर शुक्रवार को जालंधर स्थित डिप्टी कमिश्नर कार्यालय परिसर का पटवारखाना पूरी तरह बंद रहा।
जालंधर (चोपड़ा): रैवेन्यू पटवार यूनियन के आह्वान पर शुक्रवार को जालंधर स्थित डिप्टी कमिश्नर कार्यालय परिसर का पटवारखाना पूरी तरह बंद रहा। सभी पटवारी सामूहिक अवकाश पर रहे, जिसके चलते जमीन एवं राजस्व विभाग से जुड़े अधिकांश कार्य प्रभावित हुए। पटवारखाना बंद रहने से भूमि संबंधी दस्तावेजों और अन्य कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा।
पटवारियों ने स्वामित्व (लाल लकीर) योजना का पूर्ण बहिष्कार किया। इसके अलावा एग्रीस्टैक ऐप तथा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किसान आईडी (भूमि सत्यापन) से जुड़े किसी भी आवेदन को स्वीकृति (अप्रूवल) नहीं दी गई। हड़ताल के कारण इंतकाल (म्यूटेशन) के मामलों का भी निपटारा नहीं हो सका, जिससे कई प्रकरण लंबित रह गए।
इस दौरान पटवारी रवि सभ्रवाल, रोहित सहोता, वीरेंद्र कुमार, भोला सिंह, राजेंद्र सिद्धू, भावना सिंह, मधु, दुष्यंत शर्मा सहित अन्य कर्मचारियों ने बताया कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार द्वारा कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा, जिससे पटवारियों में रोष लगातार बढ़ रहा है।
यूनियन प्रतिनिधियों ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में स्टेट कैडर व्यवस्था को रद्द करना, 17 जुलाई 2020 से संबंधित सातवें वेतन आयोग के पत्र को वापस लेना तथा समाप्त की गई 1056 पटवारी पदों की पुनर्बहाली शामिल है। इसके अलावा विभागीय कर्मचारियों से जुड़े अन्य लंबित मामलों का भी शीघ्र समाधान करने की मांग की गई है।
पटवारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक स्वामित्व (लाल लकीर) योजना, किसान आईडी भूमि सत्यापन सहित आंदोलनात्मक कार्यक्रम जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन केवल कर्मचारियों के अधिकारों और विभागीय हितों की रक्षा के लिए है तथा यदि सरकार ने जल्द बातचीत कर समाधान नहीं निकाला तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
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