नशे के सौदागरों का विरोध करना परिवार को पड़ा महंगा! घर में की Firing व तोड़फोड़

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 08 Mar, 2026 12:55 AM

opposing drug dealers proved costly for the family

तरनतारन विधानसभा क्षेत्र के गांव पलासौर में एक परिवार को आज दोपहर ड्रग बेचने वालो को रोकना उस समय महंगा पड़ गया, जब गांव के ही कुछ लोगों ने अपने करीब तीन दर्जन दोस्तों के साथ मिलकर घर में घुसकर हमला कर दिया।

तरनतारन  (रमन): तरनतारन विधानसभा क्षेत्र के गांव पलासौर में एक परिवार को आज दोपहर ड्रग बेचने वालो को रोकना उस समय महंगा पड़ गया, जब गांव के ही कुछ लोगों ने अपने करीब तीन दर्जन दोस्तों के साथ मिलकर घर में घुसकर हमला कर दिया। उन्होंने घर में बुरी तरह तोड़-फोड़ की और फायरिंग भी की, जिससे घर का एक नौजवान गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे इलाज के लिए अमृतसर के अस्पताल में रेफर कर दिया गया है। इस घटना की सूचना मिलने के बाद थाना सिटी तरनतारन के प्रभारी इंस्पेक्टर नवदीप भट्टी समेत पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे और हालात को काबू में किया।

गांव पलासौर के रहने वाले प्रगट सिंह उर्फ ​​पग्गा पुत्र बलदेव सिंह ने बताया कि गांव में आम ही चिट्टे की बिक्री का धंधा चल रहा है, जो पुलिस की मिलीभगत से काफी समय से चल रहा है और पुलिस इसे रोक नहीं पा रही है। प्रगट सिंह ने बताया कि उनके भाई सरवन सिंह और परिवार के दूसरे लोग लगातार मोहल्ले में खुलेआम बिक रहे ड्रग्स का विरोध कर रहे थे, जिसकी वजह से गांव के कुछ नौजवानों को यह बर्दाश्त नहीं हो रहा है, क्योंकि वे खुद भी इस धंधे में लगे हुए हैं।

उन्होंने बताया कि आज दोपहर करीब 2 बजे जब वह और उनके भाई सरवन सिंह और परिवार के दूसरे लोग घर में मौजूद थे। तभी गांव के कुछ लोगों ने बाहर से बुलाए करीब तीन दर्जन लोग, जिनके पास हथियार भी थे, घर में घुस आए और घर में तोड़-फोड़ शुरू कर दी। इस दौरान हमलावरों ने घर का सारा सामान तोड़ दिया और विरोध करने पर फायरिंग शुरू कर दी। इसकी वजह से परिवार के सभी लोगों ने बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई, जबकि सरवन सिंह गोलीयां लगने से घायल हो गया। उसे तुरंत इलाज के लिए सरकारी अस्पताल तरनतारन में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत देखते हुए उसे अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में रेफर कर दिया।

भाई प्रगट सिंह ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उन्हें ले जाकर छोड़ देती है और गांव में खुलेआम चिट्टा बिक ​​रहा है, जो पुलिस की मिलीभगत से बिक रहा है। परिवार वालों ने पुलिस प्रशासन से इंसाफ की मांग की है। इस खूनी झगड़े के दौरान गांव में लोगों में बहुत डर का माहौल देखा जा रहा है।

इस बारे में थाना सिटी तरनतारन के प्रभारी इंस्पैक्टर नवदीप भट्टी ने कहा कि पुलिस झगड़े की जांच कर रही है। और परिवार वालों के बयान के आधार पर ज़रूरी कानूनी कार्रवाई ज़रूर की जाएगी।

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