Edited By Subhash Kapoor,Updated: 27 Sep, 2026 05:28 PM

हरियाणा के बहुचर्चित बैंक घोटाले की जांच अब कथित तौर पर महंगी पार्टियों और लग्जरी खर्च तक पहुंच गई है। CBI की चार्जशीट में मोहाली के जीरकपुर स्थित एक विला में आयोजित होने वाली डांस पार्टियों का जिक्र किया गया है।
पंजाब डैस्क : हरियाणा के बहुचर्चित बैंक घोटाले की जांच में महंगी पार्टियों और लग्जरी खर्च का जिक्र सामने आने के साथ-साथ पंजाब से भी तार जुड़ रहे हैं। दरअसल CBI की चार्जशीट में मोहाली के जीरकपुर स्थित एक विला में आयोजित होने वाली डांस पार्टियों का जिक्र किया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, इन पार्टियों के आयोजन में घोटाले के मुख्य आरोपी रिभव ऋषि की भूमिका सामने आई है, जोकि IDFC फर्स्ट बैंक का तत्कालीन ब्रांच मैनेजर है।
चार्जशीट के अनुसार, जीरकपुर स्थित ‘जेड मनोर’ विला में कथित तौर पर डांस पार्टियां आयोजित की जाती थीं। इनमें दिल्ली से वरुण नामक बिचौलिए के जरिए 7-8 महिला डांसर्स को बुलाए जाने का दावा किया गया है। जांच में CBI ने आरोप लगाया है कि IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल की ओर से भी ऐसी पार्टियों की मांग की जाती थी और कथित तौर पर अगली पार्टी के आयोजन को लेकर पूछा जाता था। हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए इन आरोपों पर अग्रवाल का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
चार्जशीट के मुताबिक, इन पार्टियों में डांसर्स पर 20, 50 और 100 रुपए के नोट उड़ाए जाते थे। इसके लिए कथित तौर पर 15 से 20 लाख रुपए तक की रकम का इंतजाम किया जाता था। CBI के अनुसार, नोटों की गड्डियों का इंतजाम RBI कर्मचारी हरभजन के जरिए किया जाता था।
वहीं, चंडीगढ़ के सेक्टर-17 से साहिल नाम के व्यक्ति के जरिए महंगी शराब मंगवाए जाने का भी चार्जशीट में उल्लेख है। जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि कथित सिंडिकेट की ओर से IAS अधिकारी की पत्नी द्वारा आयोजित पार्टियों के खर्च भी उठाए जाते थे।
बता दें कि फरवरी 2026 में हरियाणा में बड़ा बैंकिंग घोटाला सामने आया था। जिसमें आरोप है कि IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़े कुछ अधिकारियों ने हरियाणा सरकार के 8 विभागों की रकम फर्जी FDR और डेबिट नोट्स के जरिए निकालकर शेल कंपनियों में ट्रांसफर की गई। हरियाणा सरकार के अनुरोध पर CBI ने मामले की जांच राज्य विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो से अपने हाथ में ली थी। अब जांच के दौरान दाखिल चार्जशीट में कथित बैंक घोटाले के पैसों के इस्तेमाल और उससे जुड़े लोगों के नेटवर्क को लेकर कई अहम दावे किए गए हैं।