17 दिन से लापता महिला, नहीं मिला कोई सुराग, गुस्साए परिजनों ने थाने के बाहर लगाया धरना

Edited By Vatika,Updated: 08 Aug, 2026 09:14 AM

missing women

गांव शंकर की रहने वाली 53 वर्षीय महिला सिम कौर के संदिग्ध परिस्थितियों में गायब होने के मामले में पुलिस की ढिलाई से नाराज परिजनों ने शुक्रवार को थाना डेहलों के बाहर जोरदार धरना प्रदर्शन किया।

लुधियाना (राज) : गांव शंकर की रहने वाली 53 वर्षीय महिला सिम कौर के संदिग्ध परिस्थितियों में गायब होने के मामले में पुलिस की ढिलाई से नाराज परिजनों ने थाना डेहलों के बाहर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। लापता महिला की 80 वर्षीय बुजुर्ग विधवा मां, उसके दो नाबालिग बच्चे तथा स्थानीय समर्थकों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द से जल्द महिला की बरामदगी और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की।

जानकारी के मुताबिक परिजनों द्वारा डेहलों थाने के बाहर दोपहर करीब 11.30 बजे धरना शुरू किया गया, जो दोपहर 2 बजे तक जारी रहा। थाने के बाहर प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। बाद में मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को बुधवार तक मामले की गहन जांच करने और किसी नतीजे पर पहुंचने का आश्वासन देकर शांत करवाया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ। मां सुखदेव कौर (80) ने बताया कि उनकी बेटी सिम कौर की शादी साल 1997 में रायकोट के रहने वाले व्यक्ति के साथ हुई थी।

शादी के बाद से ही पति और ससुराल वाले उसे प्रताडि़त और मारपीट करते थे। तंग आकर सिम कौर साल 2016 से अपने दोनों बच्चों के साथ अपने मायके गांव शंकर में रह रही थी। अदालत में दोनों के बीच केस चल रहा था, जहां कोर्ट ने पति को हर महीने गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया हुआ था। सुखदेव कौर के अनुसार, बीते 22 जुलाई की दोपहर सिम कौर अपने मोबाइल की किश्त जमा करवाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 25 जुलाई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामला दर्ज करने में टालमटोल की और 31 जुलाई को अज्ञात लोगों के खिलाफ बंधक बनाने का पर्चा दर्ज किया।

28 लाख रुपये के बकाए के चलते पति पर हत्या या अनहोनी का शक
धरने में शामिल स्थानीय नेता परमजीत सिंह साहोली और पूर्व विधायक तरसेम जोधां ने दावा किया कि सिम कौर का पति कोर्ट के आदेश के बावजूद उसे पूरा गुजारा भत्ता नहीं दे रहा था। सिम कौर ने अदालत में बकाया रकम की अर्जी दाखिल की थी, जिस पर कोर्ट ने उसके पति को 28 लाख रुपये का बकाया तुरंत चुकाने या सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करने का आदेश दिया था। उन्होने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 28 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि देने और जेल जाने से बचने के लिए पति व ससुराल वालों ने साजिश के तहत सिम कौर को गायब कराया है या उसके साथ कोई अनहोनी कर दी है।

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