Edited By Subhash Kapoor,Updated: 08 Jan, 2026 07:39 PM

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा देश भर में मरे हुए लोगों के गैस कनेक्शन और आधार कार्ड रद्द करने संबंधी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसके लिए मंत्रालय द्वारा राज्य सरकारों से मरे हुए लोगों का डाटा कलेक्ट किया जाएगा, ताकि घरेलू...
लुधियाना (खुराना) : केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा देश भर में मरे हुए लोगों के गैस कनेक्शन और आधार कार्ड रद्द करने संबंधी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसके लिए मंत्रालय द्वारा राज्य सरकारों से मरे हुए लोगों का डाटा कलेक्ट किया जाएगा, ताकि घरेलू गैस कनेक्शन की बुकिंग और कालाबाजारी जैसे सिस्टम में पूरी तरह से पारदर्शिता लाई जा सके।
यहां बताना अनिवार्य होगा कि केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा देश की तीन प्रमुख गैस कंपनियों के मार्फत प्रत्येक घरेलू गैस उपभोक्ताओं को प्रति गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर करीब 22 रुपए की सब्सिडी राशि मुहैया करवाई जा रही है। एक अंदाजे के मुताबिक मौजूदा समय दौरान देश भर में 50 करोड़ के करीब घरेलू गैस उपभोक्ता एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं जिनमें कई उपभोक्ता वर्षों पहले मर चुके अपने बुजुर्ग मां-बाप के नाम पर चल रहे गैस कनेक्शन को अपने नाम पर ट्रांसफर करवाए बिना ही प्रत्येक महीने गैस सिलेंडर की बुकिंग करवाकर डिलीवरी के साथ ही सब्सिडी भी प्राप्त कर रहे हैं, जबकि इनमें से अधिकतर घरों में तो मल्टीप्ल गैस कनेक्शन जिसके कारण सरकार को प्रति माह करोड़ों रु.की सब्सिडी राशि का चूना लग रहा है, जिसे ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार द्वारा अब यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है कि मरे हुए सभी घरेलू गैस उपभोक्ताओं के गैस कनेक्शन रद्द करने अथवा गैस कनेक्शन को परिवार के किसी अन्य सदस्य के नाम पर ट्रांसफर करने की प्रक्रिया अपनाने की पहल की जा रही है जिसके लिए केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों से मरे हुए लोगों का डाटा और आधार कार्ड संबंधी जानकारी कलेक्ट की जाएगी। सरकार द्वारा देशभर में घरेलू गैस उपभोक्ताओं की ई_के.वाई.सी करवाई जा रही है जिसमें उपभोक्ताओं के आधार कार्ड बैंक खातों के साथ लिंक किया जा रहे हैं ताकि उपभोक्ताओं संबंधी पूरी जानकारी सामने आ सके।
यह जानकारी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस व्यापार से जुड़े हुए एक प्रमुख कारोबारी द्वारा पंजाब केसरी संवाददाता के साथ विशेष रूप से साझा की गई है। उन्होंने बताया कि ऐसे ही बहुत से मारे हुए लोगों के आधार कार्ड भी सरकार द्वारा रद्द कर दिए जाएंगे ताकि कोई भी व्यक्ति मरे हुए लोगों के आधार कार्ड का दुरुपयोग कर सरकारी योजनाओं का गलत लाभ लेने सहित किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी को अंजाम न दे सके उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया के दौरान जिनका निधन हो चुका है करीब 1.7 लाख सक्रिय कनेक्शन किए गए हैं जिनमें से लगभग 47000 प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना कनेक्शन भी शामिल हैं।
वहीं घरेलू गैस कनेक्शन को अपने नाम पर ट्रांसफर करने के लिए परिवार के सदस्य को संबंधित गैस एजेंसी के डीलर के पास जाकर कुछ मामूली औपचारिकताएं पूरी करनी होगी जिसमें परिवार के बाकी अन्य सदस्य एक एफिडेविट पर लिख कर देंगे कि हमारे बहन या भाई के नाम पर अगर उनके मरे हुए मां आप का घरेलू गैस कनेक्शन ट्रांसफर किया जाता है तो किसी को भी कोई एतराज नहीं है। इसके बाद संबंधित डीलर द्वारा पुराने समय और मौजूदा समय के दौरान गैस कनेक्शन की गैस कंपनी द्वारा निर्धारित की गई सिक्योरिटी राशि का जो भी अंतर होगा वह जमा करवाने के बाद गैस कनेक्शन को नए नाम पर ट्रांसफर कर दिया जाएगा।