लुधियाना में हाईटेक जुआ कांड का नया मोड़! ‘V’ और ‘R’ थाने पहुंचे, राजनीतिक सिफारिश के बाद चेतावनी देकर छोड़ा

Edited By Vatika,Updated: 24 Aug, 2026 09:09 AM

ludhiana police raid

पंजाब केसरी' में खुलासा होने के तुरंत बाद थाना पुलिस की टीम ने जुए के अड्डे पर दबिश दी थी।

लुधियाना (राज): थाना डिवीजन नंबर-3 के इलाके में एक ढाबे के पीछे चल रहे हाईटेक जुए और सेंसर वाले पत्तों से लाखों रुपये की ठगी के धंधे का पर्दाफाश जब 'पंजाब केसरी' ने किया, तो मामले में नया मोड़ आ गया है। खबर छपने के बाद पहले तो स्थानीय पुलिस ने रेड कर खानापूर्ति की, जिसमें आरोपी 'V' और 'R' पुलिस के पहुंचने से चंद मिनट पहले ही गायब हो गए। वहीं, जब पुलिस के उच्च अधिकारियों ने मामले पर पैनी नजर रखी, तो थाना पुलिस ने किसी भी तरह के रिस्क से बचने के लिए आरोपियों पर पेश होने का भारी दबाव बनाया। दबाव में आकर दोनों आरोपी अपने दर्जनों समर्थकों के साथ थाने में पेश तो हुए, लेकिन वहां राजनीतिक रसूख और सिफारिश के चलते पुलिस ने उन्हें महज 'चेतावनी' देकर छोड़ दिया।

रेड से चंद मिनट पहले हुए थे फरार, वीडियोग्राफी से की खानापूर्ति
सूत्रों के अनुसार, 'पंजाब केसरी' में खुलासा होने के तुरंत बाद थाना पुलिस की टीम ने जुए के अड्डे पर दबिश दी थी। लेकिन, सबसे बड़ा सवाल यह उठा कि पुलिस के पहुंचने से कुछ मिनट पहले ही दोनों मुख्य पार्टनर वहां से निकल गए, जैसे उन्हें पुलिस रेड की पहले ही 'भविष्यवाणी' हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने उच्चाधिकारियों के सवालों से बचने के लिए मौके पर बाकायदा वीडियोग्राफी करवाई ताकि यह दिखाया जा सके कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और मौके पर कोई नहीं मिला।

अधिकारियों की पैनी नजर से घबराई पुलिस, बनाया पेशी का दबाव
मामले में तब नया मोड़ आया जब पुलिस कमिश्नरेट के उच्च अधिकारियों ने इस पूरे घटनाक्रम पर सख्त रुख अपनाते हुए अपनी पैनी नजर बना ली। उच्चाधिकारियों के सीधे रडार पर आने के बाद थाना पुलिस किसी भी तरह की विभागीय जांच या गाज गिरने का रिस्क नहीं लेना चाहती थी। ऐसे में पुलिस ने आरोपियों पर थाने में हाजिर होने का कड़ा दबाव बनाया। पुलिस के भारी दबाव के बाद आरोपी 'V' और 'R' अकेले नहीं, बल्कि अपने साथ कई स्थानीय समर्थकों और सिफारिशी लोगों की फौज लेकर थाने पहुंचे। थाने में बैठक का दौर चला, लेकिन अंत में एक प्रभावशाली राजनीतिक नेता की सिफारिश पुलिस की कार्रवाई पर पूरी तरह हावी हो गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई सख्त कानूनी कार्रवाई करने के बजाय सिर्फ पूछताछ की और औपचारिक 'चेतावनी' देकर घर जाने दिया।

ठगी में प्रयुक्त सेंसर डिवाइस व ताश की बरामदगी शून्य
इस पूरे ड्रामे का सबसे चिंताजनक पहलू यह रहा कि पुलिस ने आरोपियों से ठगी में इस्तेमाल की जाने वाली सेंसर ताश और गुप्त इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को बरामद करने की जहमत तक नहीं उठाई। जिस डिवाइस के दम पर आम लोगों से लाखों रुपये की डिजिटल ठगी की जा रही थी, वह आज भी आरोपियों के पास सुरक्षित है। डिवाइस बरामद न होने और आरोपियों पर ठोस कार्रवाई न होने के कारण साफ है कि ये लोग सुधरने वाले नहीं हैं। कुछ दिन माहौल शांत होने का इंतजार करने के बाद ये या तो इसी जगह पर दोबारा महफिल सजाएंगे या फिर शहर के किसी अन्य इलाके में अपनी जगह बदलकर ठगी का यह खेल फिर से शुरू कर देंगे।

उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग
स्थानीय लोगों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि सिर्फ चेतावनी देने और खानापूर्ति करने से शहर में पनप रहे इस हाईटेक जुआ माफिया पर लगाम नहीं कसी जा सकती। लोगों ने पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि राजनीतिक दबाव को दरकिनार कर इस मामले की किसी उच्च अधिकारी से निष्पक्ष जांच करवाई जाए और ठगी में इस्तेमाल हाईटेक डिवाइस बरामद कर आरोपियों पर कार्रवाई की जाए।

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