Edited By Vatika,Updated: 28 Aug, 2026 12:21 PM

कैदियों और हवालातियों की सुरक्षा व कस्टडी को लेकर पुलिस मुलाजिमों की बेहद गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली
लुधियाना(राज) : कैदियों और हवालातियों की सुरक्षा व कस्टडी को लेकर पुलिस मुलाजिमों की बेहद गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली एक बार फिर सामने आई है। अदालत में पेशी के दौरान या मेडिकल जांच के लिए सिविल अस्पताल ले जाते समय पुलिसकर्मी नियमों को ताक पर रखकर घोर लापरवाही बरत रहे हैं। हथकड़ी लगे होने के बावजूद पुलिस मुलाजिम हवालातियों को बिना पकड़े या रस्सी थामे छोड़ देते हैं, जिसके चलते हवालाती आगे-आगे बेखौफ चलते हैं और मुलाजिम आराम से पीछे-पीछे टहलते नजर आते हैं। ऐसी लापरवाही का फायदा उठाकर अगर कोई शातिर आरोपी फरार हो जाए, तो बाद में पुलिस मुलाजिम यही घिसा-पिटा बहाना बनाते हैं कि आरोपी धक्का देकर या चकमा देकर भाग निकला।

‘पंजाब केसरी’ के कैमरे में कैद हुई मुलाजिमों की लापरवाही :
‘पंजाब केसरी’ की टीम ने कोर्ट परिसर और अस्पताल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया, जहां पुलिस की इस ढुलमुल कार्यप्रणाली की पोल खुलती साफ नजर आई। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि हथकड़ी में जकड़े हवालाती आगे-आगे खुलेआम चल रहे हैं, जबकि उनकी कस्टडी में तैनात पुलिसकर्मी हथकड़ी की रस्सी पकड़े बिना बेपरवाह होकर उनके पीछे चल रहे हैं। ऐसे ही एक हवालाती खुद ही हथकड़ी हाथ में पहने पकड़े हुए चल रहा है, जबकि उसके साथ पुलिस वाला चल रहा है। ऐसे ही बाइक पर भी हवालाती को बैठा कर मुलाजिम बाकइ चला रहा है, ऐसे में अगर वह बाइक से उतर जाता है तो क्या होगा। कोर्ट कचहरी और सिविल अस्पताल जैसे अत्यधिक भीड़भाड़ वाले संवेदनशील स्थानों पर ऐसी ढिलाई किसी बड़े खतरे को न्योता देने जैसी है। भीड़ का फायदा उठाकर कोई भी आरोपी पलक झपकते ही रफूचक्कर हो सकता है।

पुराने मामलों से भी नहीं लिया कोई सबक :
यह कोई पहला मामला नहीं है जब पुलिस की इस तरह की सुस्ती सामने आई हो। पहले भी लुधियाना कोर्ट परिसर और सिविल अस्पताल से कई शातिर कैदी व हवालाती पुलिसकर्मियों को चकमा देकर, धक्का मारकर या हथकड़ी छुड़ाकर फरार हो चुके हैं। ऐसी वारदातों के बाद अमूमन विभागीय जांच और निलंबन की औपचारिकताएं तो पूरी की जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर मुलाजिम अपनी पुरानी आदतों से कोई सबक लेते दिखाई नहीं दे रहे।
फरार होने पर किसकी तय होगी जिम्मेदारी?
बड़ा सवाल यह उठता है कि यदि इस लापरवाही के बीच कोई संगीन अपराध का आरोपी फरार हो जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? अमूमन ऐसे मामलों में मुलाजिम खुद का बचाव करने के लिए रिपोर्ट में लिख देते हैं कि आरोपी धक्का देकर भाग गया, जबकि असलियत यह है कि नियमों के मुताबिक हवालाती को मजबूती से पकडक़र ले जाने की बुनियादी जिम्मेदारी भी नहीं निभाई जा रही। कानून-व्यवस्था की साख बनाए रखने के लिए आला पुलिस अधिकारियों को इस ढिलाई का तुरंत संज्ञान लेकर सख्त दिशा-निर्देश और निगरानी तय करने की जरूरत है।