Edited By Subhash Kapoor,Updated: 16 Apr, 2026 06:18 PM

अमरनाथ यात्रा के लिए बायोमैट्रिक रजिस्ट्रेशन को लेकर PNB बैंक शाखा (कैलाश चौक) के बाहर उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने फॉर्म करवाने पहुंचे, लेकिन सीमित संख्या के कारण कई लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।
लुधियाना ( गणेश / सचिन ) :अमरनाथ यात्रा के लिए बायोमैट्रिक रजिस्ट्रेशन को लेकर PNB बैंक शाखा (कैलाश चौक) के बाहर उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने फॉर्म करवाने पहुंचे, लेकिन सीमित संख्या के कारण कई लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि वे सुबह 5 बजे से ही लाइन में खड़े हैं। इनमें महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे भी शामिल हैं, जो पहले ही अपना मेडिकल करवाकर बायोमैट्रिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए पहुंचे हैं। बावजूद इसके, उनके फॉर्म स्वीकार नहीं किए जा रहे, जिससे लोगों में काफी नाराजगी है। श्रद्धालुओं का यह भी कहना है कि अगर उनके फॉर्म एक-दो दिन बाद भी किए जाएं तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन छोटे बच्चों और परिवारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। लोगों ने मांग रखी कि बच्चों के फॉर्म पहले किए जाएं ताकि उन्हें लंबी लाइन और परेशानी से राहत मिल सके।
इसके साथ ही कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि दूसरी तरफ मुख्य गेट के पास पैसे लेकर फॉर्म भरने की बातें सामने आ रही हैं, जिससे आम लोगों में असंतोष और बढ़ गया है।
जानकारी के अनुसार, बीते दिन सर्वर में तकनीकी खराबी के कारण केवल 30 फॉर्म ही पूरे हो सके थे, जबकि बाकी बचे फॉर्म आज पूरे किए जा रहे हैं। इसी वजह से आज भीड़ सामान्य से ज्यादा देखने को मिली।
इस मामले में PNB बैंक के ब्रांच मैनेजर से बात करने पर उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि बैंक द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ काम किया जा रहा है और प्रतिदिन केवल 50 व्यक्तियों का ही बायोमैट्रिक किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुबह 9 बजे से 9:30 बजे तक ही टोकन वितरित किए जाते हैं और उसी के आधार पर प्रक्रिया पूरी होती है। तय सीमा से अधिक लोगों का बायोमैट्रिक करना संभव नहीं है।
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर श्रद्धालुओं में रोष बना हुआ है और वे प्रशासन से व्यवस्था में सुधार व अतिरिक्त काउंटर खोलने की मांग कर रहे हैं, ताकि अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।