Edited By Subhash Kapoor,Updated: 01 Aug, 2026 07:32 PM

LADC (लीगल एड डिफेंस काउंसिल) नीति के विरोध में पंजाब भर के अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार निर्णायक दौर में पहुंचता जा रहा है। शनिवार को जिला बार एसोसिएशन, लुधियाना के नेतृत्व में लगातार 26वें दिन भी ‘नो वर्क’ पूरी तरह सफल रहा।
लुधियाना (मेहरा): LADC (लीगल एड डिफेंस काउंसिल) नीति के विरोध में पंजाब भर के अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार निर्णायक दौर में पहुंचता जा रहा है। शनिवार को जिला बार एसोसिएशन, लुधियाना के नेतृत्व में लगातार 26वें दिन भी ‘नो वर्क’ पूरी तरह सफल रहा। भूख हड़ताल जारी रही, जबकि जिला न्यायालयों का कामकाज प्रभावित रहा और अधिकांश मामलों में केवल अगली तारीखें ही दी गईं।
आंदोलन के दौरान अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर से रोष रैली निकालकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और LADC नीति को तत्काल वापस लेने की मांग दोहराई। बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट विपन सग्गड़ और महासचिव एडवोकेट हिमांशु वालिया ने कहा कि जब तक सरकार लिखित आश्वासन देकर LADC नीति वापस नहीं लेती, तब तक ‘नो वर्क’ और आंदोलन जारी रहेगा।
वही आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिला। पूर्व कांग्रेस विधायक संजय तलवाड़, पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस तथा पूर्व विधायक कुलदीप वैद धरनास्थल पर पहुंचे और आंदोलनरत अधिवक्ताओं का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के माध्यम से इस मुद्दे को लोकसभा में उठाया जाएगा।
इस बीच जिला बार एसोसिएशन ने आंदोलन को लेकर और सख्त रुख अपनाते हुए LADC के रूप में कार्यरत अधिवक्ताओं को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किए हैं। प्रधान एडवोकेट विपन सग्गड़, उपप्रधान एडवोकेट गगनदीप सिंह बेदी, महासचिव एडवोकेट हिमांशु वालिया, संयुक्त सचिव एडवोकेट रचिन सोनी तथा वित्त सचिव एडवोकेट मयंक चोपड़ा के हस्ताक्षरों से जारी नोटिस में संबंधित अधिवक्ताओं से 3 अगस्त तक लिखित जवाब मांगा गया है कि वे बार एसोसिएशन के आंदोलन के साथ हैं अथवा LADC प्रणाली के तहत कार्य जारी रखना चाहते हैं। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक उत्तर न मिलने या बार के निर्णयों की अवहेलना करने की स्थिति में संविधान एवं नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उधर, जॉइंट एक्शन कमेटी (JAC) ऑफ बार एसोसिएशंस, पंजाब, हरियाणा एवं यूटी चंडीगढ़ ने आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की तैयारी शुरू कर दी है। कमेटी के संयोजक एडवोकेट सतविंदर सिंह सिद्धू ने 7 अगस्त को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति मांगी है।