Edited By Vatika,Updated: 12 Jun, 2026 01:00 PM

डा. मीनाक्षी सूद की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे शहर को झकझोर
पंजाब डेस्कः डा. मीनाक्षी सूद की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। मामले में मृतका के परिजनों ने उनके पति और नैशनल आई केयर हॉस्पिटल के संचालक डॉ. पीयूष सूद पर मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना, कथित विवाहेतर संबंध तथा वित्तीय धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डॉक्टर पीयूष पर पहले भी दर्ज है केस
इसी बीच पड़ोसियों के अनुसार 10 जून को सुबह काम करने आई नौकरानी को दरवाजा बंद मिला था। दरवाजा नहीं खुलने पर उसने केवल विहार सोसाइटी के प्रधान को बुलाया, जिसके बाद खिड़की से अंदर गए। इस दौरान मीनाक्षी का शव नीला पड़ा हुआ था और उसके 2 पालतू कुत्ते अंदर थे, वहीं कमरे के अंदर की तस्वीर सामने आई है। लोगों के मुताबिक अढ़ाई घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। मीनाक्षी की मां नीलम ने आरोप लगाया कि बिहार में पढ़ाई के दौरान भी डॉक्टर पीयूष पर छात्र को पीटने पर धारा 307 के तहत केस दर्ज हुआ था।
मृतका के पिता ने लगाए गंभीर आरोप
मृतका के पिता प्रमोद कुमार ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था। उनका कहना है कि डॉ. पीयूष का अस्पताल में कार्यरत एक युवती के साथ कथित संबंध था, जिस पर संदेह होने के बाद डॉ. मीनाक्षी ने अस्पताल की सी.सी.टी.वी. फुटेज की जांच की थी। परिवार का दावा है कि फुटेज में दोनों को साथ देखा गया, जिसकी जानकारी पुलिस को भी दी गई है। वहीं आज इस मामले में डॉ. पीयूष सूद की एक वीडियो वायरल हो रही है जिसमें वह एक युवती से मिलता हुआ नजर आ रहा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर होगी कार्रवाई
परिजनों के अनुसार डॉ. मीनाक्षी कथित मारपीट और मानसिक दबाव से परेशान होकर जुलाई 2025 से अलग रह रही थीं। परिवार का यह भी कहना है कि वह तलाक लेने पर विचार कर रही थीं। मामले में एक और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। परिवार के अनुसार, जब डॉ. मीनाक्षी कुछ दिन पहले अपना मकान खरीदने के लिए बैंक पहुंचीं तो उन्हें पता चला कि उनके नाम पर करीब 2.5 करोड़ रुपए का लोन चल रहा है। परिजनों का आरोप है कि संबंधित दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं थे। इस खुलासे के बाद वह काफी तनाव में थीं। पिता ने कहा कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच कर उन्हें न्याय दिलाया जाए। उधर, पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।