Edited By Urmila,Updated: 28 Mar, 2026 01:49 PM

नगर निगम जालंधर का आगामी वित्त वर्ष 2026-27 का बजट शहर में एक बार फिर प्राथमिकताओं को लेकर चर्चा में है।
जालंधर (खुराना): नगर निगम जालंधर का आगामी वित्त वर्ष 2026-27 का बजट शहर में एक बार फिर प्राथमिकताओं को लेकर चर्चा में है। निगम जहां विकास कार्यों पर 200 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है, वहीं इससे कहीं अधिक 312 करोड़ रुपये कर्मचारियों के वेतन और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन पर खर्च किए जाएंगे।
कुल 569 करोड़ रुपये के प्रस्तावित बजट को मंजूरी देने के लिए 30 मार्च को सुबह 11 बजे रैडक्रास भवन में बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में विभिन्न विकास परियोजनाओं से जुड़े प्रस्ताव भी रखे जाएंगे। गौरतलब है कि बजट बैठक वित्त वर्ष समाप्त होने से एक दिन पहले आयोजित की जा रही है।
आय के लिहाज से इस बार भी निगम की सबसे बड़ी निर्भरता पंजाब सरकार से मिलने वाले जी.एस.टी. हिस्से पर रहेगी, जिससे करीब 310 करोड़ रुपए आने की संभावना है। प्रॉपर्टी टैक्स का लक्ष्य 80 करोड़ रुपए रखा गया है और इसमें इस बार कोई वृद्धि नहीं की गई है। भवन निर्माण से जुड़े शुल्क, भूमि उपयोग परिवर्तन और विकास शुल्क के माध्यम से 100 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा विज्ञापन शाखा से 14 करोड़, आबकारी शुल्क से 8 करोड़, बिजली चुंगी से 1 करोड़, स्वास्थ्य शाखा से 15 करोड़ तथा जल आपूर्ति विभाग से 25 करोड़ रुपए की आय का अनुमान है।
खर्च के अन्य प्रमुख मदों में सड़कों के निर्माण और मरम्मत के लिए 50 करोड़ रुपए, ठोस कचरा प्रबंधन और बायोमाइनिंग के लिए 30 करोड़, बिजली बिल के लिए 22 करोड़ और सीवरेज पंपिंग व सफाई के लिए 15 करोड़ रुपए रखे गए हैं। इसके अलावा पैट्रोल-डीजल पर 21 करोड़, बागवानी पर 8 करोड़, सफाई व्यवस्था पर 8 करोड़ और वाहनों के रखरखाव पर 5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर जोर, मशीनरी की होगी खरीद
नगर निगम ने बजट में सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मशीनों की खरीद पर विशेष ध्यान दिया है। कचरा उठाने के लिए छह आधुनिक मशीनें खरीदी जाएंगी, जिन पर करीब 4.69 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ये मशीनें पार्कों, ग्रीन बेल्ट, फुटपाथों और सड़कों के किनारे जमा कचरे को आसानी से साफ कर सकेंगी। जानकारी के अनुसार नगर निगम बजट की लिस्ट में कमिशनर के लिए नई थार खरीदने का प्रस्ताव भी है। जानकारी के अनुसार, दो ऑटोमोबाइल डीलरों ने वाहन की खरीद के लिए 22.35 लाख रुपये की दर कोट की है।
इसके अलावा पेड़ों की छंटाई के लिए 3 करोड़ रुपये की मशीनें, बागवानी विभाग के लिए 3.28 करोड़ रुपये के उपकरण, सड़कों की मरम्मत के लिए पैचवर्क मशीन, ग्रैब बकेट वाहन, ई-रिक्शा और सीवर सफाई के लिए अत्याधुनिक मशीनें खरीदने के प्रस्ताव भी शामिल हैं।
कुल मिलाकर, बजट में विकास कार्यों के लिए बड़ा प्रावधान होने के बावजूद वेतन और पैंशन पर होने वाला अधिक खर्च एक बार फिर निगम की वित्तीय प्राथमिकताओं को उजागर कर रहा है। अब देखना होगा कि 30 मार्च की बैठक में इस बजट को किस रूप में अंतिम मंजूरी मिलती है।
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