Edited By Vatika,Updated: 22 Oct, 2026 08:57 AM

जिले की राजनीति में इन दिनों राजविंदर कौर थियाड़ा को कैंट हलके के इंचार्ज पद से हटाए
जालंधर: जिले की राजनीति में इन दिनों राजविंदर कौर थियाड़ा को कैंट हलके के इंचार्ज पद से हटाए जाने के बाद नए घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच पार्टी से जुड़ी एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। इस रिकॉर्डिंग को लेकर किए जा रहे दावों ने जालंधर सैंट्रल की राजनीति में भी नई बहस छेड़ दी है। इस आड़ियों मे ‘आप’ नेता ने कहा है कि विधायक रमन अरोड़ा को झूठे मामले में फंसाया गया था।
रमन अरोड़ा को फंसाने के लिए व्यक्ति का करवाया गया था शपथपत्र तैयार
सूत्रों और राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार कथित ऑडियो में राजविंदर कौर थियाड़ा की ओर से पार्टी के घटनाक्रम को लेकर नाराजगी जाहिर किए जाने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि हलका इंचार्ज के पद से हटाए जाने के बाद पार्टी के भीतर चल रहे घटनाक्रम को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। इस पूरे मामले ने स्थानीय स्तर पर पार्टी की अंदरूनी राजनीति को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। इस घटनाक्रम के बीच जालंधर सैंट्रल के विधायक रमन अरोड़ा से जुड़े एक पुराने मामले का भी जिक्र सामने आया है। वायरल ऑडियो में आरोप लगाया जा रहा है कि रमन अरोड़ा को किसी मामले में फंसाने के लिए एक व्यक्ति का शपथपत्र तैयार करवाया गया था और उसके आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही उपलब्ध सामग्री के आधार पर यह स्पष्ट होता है कि कथित शपथपत्र किसने तैयार करवाया था या इसके पीछे किसकी भूमिका थी।
जालंधर की स्थानीय राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज
कथित ऑडियो को लेकर यह भी चर्चा है कि रमन अरोड़ा की छवि को नुकसान पहुंचाने से संबंधित आरोप लगाए जा रहे हैं। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में सवाल उठने लगे हैं कि पूरे मामले की सच्चाई क्या है और इसमें किन लोगों की भूमिका रही है। फिलहाल, वायरल रिकॉर्डिंग को लेकर कई दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इन दावों की पुष्टि के लिए संबंधित दस्तावेजों, रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता और अन्य तथ्यों की जांच जरूरी है। दूसरी ओर रमन अरोड़ा के खिलाफ लगाए गए आरोपों और कथित रिकॉर्डिंग में किए जा रहे दावों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। रमन अरोड़ा से जब रिकॉर्डिंग के संबंध में पूछे जाने का जिक्र किया गया तो उनके हवाले से कहा गया कि वह लंबे समय से यही कहते आ रहे हैं कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप निराधार हैं। हालांकि, कथित ऑडियो में बताए जा रहे घटनाक्रम और उसमें शामिल व्यक्तियों की भूमिका के संबंध में विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना अभी बाकी है। राजविंदर कौर थियाड़ा को हलका इंचार्ज पद से हटाए जाने और इसके बाद कथित ऑडियो के वायरल होने से जालंधर की स्थानीय राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। इस घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों और पुराने विवादों को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित पक्ष इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या कथित रिकॉर्डिंग की सत्यता की जांच के बाद पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ पाती है।