Edited By Sunita sarangal,Updated: 25 Jun, 2026 05:09 PM

इस मौके पर ज्ञानी राजदीप सिंह ने संगत से बाबा बंदा सिंह बहादुर की शहादत के बेमिसाल इतिहास के बारे में बातचीत की।
जैतो(रघुनंदन पराशर): सिख समुदाय के महान जरनैल बाबा बंदा सिंह बहादुर के शहीदी दिवस के मौके पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब से संबंधित गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हॉल में गुरमत समागम का आयोजन किया। इस मौके पर श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के बाद सचखंड श्री हरिमंदिर मंदिर साहिब के हजूरी रागी भाई गुरबचन सिंह के जत्थे ने गुरबाणी कीर्तन किया। भाई बलविंदर सिंह ने अरदास की और सचखंड श्री हरिमंदिर मंदिर साहिब के ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी राजदीप सिंह ने पवित्र हुकमनामा पढ़ा। इस दौरान मौके पर मौजूद संगत ने भी गुरबाणी का आनंद माना।
इस मौके पर ज्ञानी राजदीप सिंह ने संगत से बाबा बंदा सिंह बहादुर की शहादत के बेमिसाल इतिहास के बारे में बातचीत की। उन्होंने कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादुर की शहादत सिख इतिहास में सच्चाई, हिम्मत और बेमिसाल कुर्बानी की कहानी है। बाबा बंदा सिंह बहादुर वो जरनैल थे जिन्होंने सिख राज्य की स्थापना की थी। ज्ञानी राजदीप सिंह ने सिख युवाओं को बाबा बंदा सिंह बहादुर के जीवन से मार्गदर्शन लेने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हॉल में एक धार्मिक दीवान भी लगाया गया, जिसमें हेड प्रचारक भाई जगदेव सिंह ने संगत को बाबा बंदा सिंह बहादुर के जीवन के बारे में बताया। इस दौरान ढाडी और कविशर जत्थे भी समारोह में शामिल हुए।
इस मौके पर श्री दरबार साहिब के मैनेजर मेजर सिंह, सुपरिटेंडेंट निशान सिंह और मलकीत सिंह बहिडवाल, इंचार्ज जगदीश सिंह बुट्टर, बलदेव सिंह, करमजीत सिंह, राजविंदर सिंह, हैड प्रचारक भाई जगदेव सिंह, एडिशनल मैनेजर इकबाल सिंह, बिक्रमजीत सिंह झंगी, युवराज सिंह और अन्य मौजूद थे।
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