अग्निकांड में झुलसी युवती की मौत से गहराया कार श्रेडिंग प्लांट कांड, जांच की उठी मांग

Edited By Sunita sarangal,Updated: 11 May, 2026 06:43 PM

girl died in car shredding plant scandal

दोराहा-पायल रोड स्थित गांव बिशनपुरा में लुधियाना जिले के पहले स्क्रैप कार श्रेडिंग प्लांट ‘बी लाल स्टील श्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड’ में 25 अप्रैल को लगी भीषण आग के दौरान बुरी तरह झुलसी 21 वर्षीय युवती की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो जाने का समाचार...

दोराहा/पायल(विनायक): दोराहा-पायल रोड स्थित गांव बिशनपुरा में लुधियाना जिले के पहले स्क्रैप कार श्रेडिंग प्लांट ‘बी लाल स्टील श्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड’ में 25 अप्रैल को लगी भीषण आग के दौरान बुरी तरह झुलसी 21 वर्षीय युवती की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो जाने का समाचार प्राप्त हुआ है। इस मौत के बाद पूरा मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है और अब फैक्टरी प्रबंधन, सुरक्षा प्रबंधों तथा प्रशासनिक कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

मृतक युवती की पहचान अंजली पुत्री अश्वनी कुमार, निवासी प्लाट नंबर 28/बी, इंडस्ट्री एरिया (ए), घोड़ा कॉलोनी, मिलर गंज, लुधियाना के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अंजली 25 अप्रैल को फैक्टरी में लगी आग के दौरान गंभीर रूप से झुलस गई थी और उसका इलाज चल रहा था, लेकिन आखिरकार उसने जिंदगी और मौत से जूझते हुए दम तोड़ दिया।

दोराहा पुलिस को दी गई जानकारी में मृतका के रिश्तेदार जैविंद पुत्र पृथ्वी निवासी प्लाट नंबर 28/बी, इंडस्ट्री एरिया (ए), घोड़ा कॉलोनी, मिलर गंज, लुधियाना ने बताया कि अंजली की मौत आग में झुलसने के कारण हुई है। इस संबंध में दोराहा थाना के ए.एस.आई. सदागर सिंह द्वारा डी.डी.आर. नंबर 18 दिनांक 10.05.2026 दर्ज करते हुए इस घटना को प्राकृतिक तथा अचानक घटित हुआ हादसा बताया गया है। पुलिस अधिकारी के अनुसार परिवार की ओर से किसी भी व्यक्ति अथवा फैक्टरी प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई न करने की बात कही गई है।

बिना पोस्टमार्टम शव परिजनों को सौंपा

दोराहा पुलिस के ए.एस.आई. सदागर सिंह ने बताया कि मृतका के शव को आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के उपरांत बिना पोस्टमार्टम करवाए परिजनों के हवाले कर दिया गया। उन्होंने कहा कि परिवार की ओर से कोई कार्रवाई न करने की इच्छा जताई गई थी।

उन्होंने बताया कि फैक्टरी में अचानक आग लगने के कारण यह हादसा हुआ था, जिसमें अंजली समेत दो या उससे अधिक कर्मचारी घायल हुए थे। हालांकि इस पूरे मामले के दौरान पुलिस द्वारा जानकारी को सीमित रखने के आरोप भी सामने आ रहे हैं।

क्या कहते हैं डी.एस.पी. पायल

इस संबंध में डी.एस.पी. पायल हरमनप्रीत सिंह चीमा ने कहा कि मृतका के परिवार द्वारा लिखित रूप में पुलिस को बताया गया था कि वे किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करवाना चाहते, क्योंकि युवती का इलाज फैक्टरी प्रबंधकों द्वारा करवाया जा रहा था।

उन्होंने बताया कि परिवार ने एस.डी.एम. पायल को भी पोस्टमार्टम न करवाने संबंधी लिखित अनुरोध दिया था, जिसके बाद एस.डी.एम. कार्यालय द्वारा आवेदन पुलिस को मार्क कर दिया गया। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव बिना पोस्टमार्टम करवाए परिजनों के हवाले कर दिया। डी.एस.पी. ने कहा कि मामले संबंधी आवश्यक रिकॉर्ड कार्रवाई अमल में लाई गई है।

उच्च स्तरीय जांच की मांग

इस संबंध में डॉ. अंबेडकर नवयुवक दल पंजाब के प्रधान एवं प्रसिद्ध आर.टी.आई. एक्टिविस्ट गुरदीप सिंह काली पायल ने कहा कि इस हादसे में गरीब परिवार का बड़ा नुकसान हुआ है तथा पुलिस प्रशासन द्वारा पूरे मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्टरी में करीब 160 वर्कर काम करते बताए जा रहे हैं, लेकिन वास्तविक संख्या तथा सुरक्षा प्रबंधों संबंधी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं लाई जा रही। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही एस.डी.एम. पायल से मुलाकात कर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करेंगे। इसके अलावा हाईकोर्ट में कानूनी रास्ता अपनाने के लिए वकीलों से सलाह-मशविरा भी किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि 25 अप्रैल को इस फैक्टरी में लगी भीषण आग के दौरान आधा दर्जन से अधिक महिला कर्मचारी घायल हुई थीं और फैक्टरी के अंदर लगातार धमाकों के कारण पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। उस समय प्रशासन द्वारा किसी प्रकार के जानी नुकसान से इंकार किया गया था, लेकिन अब अंजली की मौत के बाद यह हादसा और भी गंभीर रूप धारण कर चुका है।

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