पटियाला पर फिर मंडराया बाढ़ का खतरा! मानसून सिर पर, प्रशासन बेखबर... बढ़ी चिंता

Edited By Kamini,Updated: 08 Jun, 2026 03:19 PM

flood threat looms over patiala again

लगभग मानसून सिर पर आ चुका है, लेकिन पटियाला शहर और जिले को डुबाने वाली नदियों जिनमें घग्गर, पटियाला नदी, छोटी नदी, मारकंडा, टांगरी आदि शामिल हैं, की अभी तक सरकार और जिला प्रशासन ने सफाई तक शुरू नहीं करवाई है, जिसके कारण फिर से पटियाला डूब सकता है और...

पटियाला/सनौर (मनदीप जोसन) : लगभग मानसून सिर पर आ चुका है, लेकिन पटियाला शहर और जिले को डुबाने वाली नदियों जिनमें घग्गर, पटियाला नदी, छोटी नदी, मारकंडा, टांगरी आदि शामिल हैं, की अभी तक सरकार और जिला प्रशासन ने सफाई तक शुरू नहीं करवाई है, जिसके कारण फिर से पटियाला डूब सकता है और हाहाकार मच सकती है।

जिला प्रशासन पूरी तरह से कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है। पिछली गलतियों से सबक नहीं ले रहा। डीसी पटियाला गहरी नींद में एसी कार्यालय का आनंद ले रहे हैं। आज तक किसी भी अधिकारी ने इन दरियाओं का निरीक्षण नहीं किया। दरियाओं को जाकर नहीं देखा। पटियाला नदी, छोटी नदी, मारकंडा, टांगरी की सफाई की ओर किसी का कोई ध्यान नहीं गया क्योंकि हमेशा यही होता है कि पहले पटियाला डूबता है, फिर करोड़ों रुपए के फंड बचाव कार्यों के लिए आते हैं, जिनमें से आधे से अधिक राजनीतिक लोगों और अधिकारियों की जेबों में चले जाते हैं। ऐसा लगता है कि पटियाला को एक साजिश के तहत ही डुबाया जाता है क्योंकि यह करोड़ों-अरबों रुपए का खेल है।

साल 2023 में सिर्फ 3 साल पहले पटियाला में बाढ़ आई थी। पटियाला नदी, टांगरी, मारकंडा, घग्गर, छोटी नदी सहित हर नदी-नाले ने तबाही मचाई थी। तबाही का मंजर इतना डरावना था कि शहर पटियाला के अर्बन एस्टेट जैसे वी.वी.आई.पी. क्षेत्र भी डूब गए थे। इन क्षेत्रों को पटियाला नदी और छोटी नदी डुबाती है। 3 साल बीत जाने के बाद भी मौजूदा सरकार के किसी अधिकारी का इसकी सफाई और इसके किनारों की मजबूती की ओर कोई ध्यान नहीं गया।

अधिकारी और राजनीतिक लोग बातों का कड़ाहा पका रहे हैं, जबकि ग्राऊंड पर रिपोर्ट जीरो है। घग्गर के हालात बद से बदतर हैं। टांगरी और मारकंडा का बुरा हाल है। 3 साल पहले हलका सनौर, हलका घनौर, राजपुरा, समाना और पातड़ां के गांवों के गांव डूब गए थे। लाखों-करोड़ों रुपए का लोगों का नुकसान हुआ था। तब भी मौजूदा सरकार के अधिकारियों ने बड़ी-बड़ी बातें की थीं कि आने वाले समय में सब कुछ ठीक हो जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। इस समय हालात बेहद खराब हैं। यदि मानसून जोरदार रहा तो पटियाला को डूबने से कोई नहीं रोक सकता। पटियाला को डुबाने के लिए सीधे तौर पर जिला प्रशासन, खासकर जिला प्रशासन के प्रमुख डी.सी., जो इस समय गहरी नींद में सोए हुए हैं, जिम्मेदार होंगे।

3 साल पहले भी जिला प्रशासन ने हाथ खड़े किए थे तो सेना ने संभाला था मोर्चा

3 साल पहले जब पटियाला में बाढ़ आई थी, उस समय जिला प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए थे। आखिर लोगों को डूबता देखकर सेना ने आकर मोर्चा संभाला था। असल में जिला प्रशासन के अधिकारी पहले कुंभकर्णी नींद सोए रहते हैं। जब विपत्ति आती है तो हाथ खड़े कर देते हैं। पटियाला का बाढ़ों के साथ गहरा रिश्ता है, इसलिए यहां बेहद जरूरी है कि नदियों और नालों की सफाई सही ढंग से करवाई जाए तथा उनके किनारों को पक्का किया जाए।

पिछले साल बागी विधायक पठाणमाजरा ने भी उठाया था बाढ़ का मुद्दा

पिछले साल आम आदमी पार्टी के बागी विधायक हरमीत सिंह पठाणमाजरा ने बाढ़ को लेकर मुद्दा उठाया था। उस समय वह आम आदमी पार्टी के प्रभावशाली विधायक थे। उन्होंने सरकार को आईना दिखाया था कि यदि आप टांगरी, मारकंडा, घग्गर आदि से मिट्टी नहीं निकालते और इनके किनारों को मजबूत नहीं करते तो बाढ़ को रोका नहीं जा सकता। हरमीत सिंह पठाणमाजरा ने एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को भी आड़े हाथों लिया था। बागी विधायक हरमीत सिंह पठाणमाजरा का कहना था कि इन नदियों और नालों की सफाई होना बेहद जरूरी है। जब इनमें से मिट्टी निकालकर इन्हें गहरा और सीधा किया जाएगा तो पानी ऊपर उछलने की बजाय नीचे ही आगे निकल जाएगा। पठाणमाजरा ने हलका सनौर के लोगों के लिए बिल्कुल सही मुद्दा उठाया था क्योंकि लोगों को डूबते हुए पठाणमाजरा ने अपनी आंखों से देखा था, लेकिन पिछले साल यह नेक सलाह आप सरकार को रास नहीं आई थी। उन्होंने पठाणमाजरा पर दो-तीन मामले दर्ज कर दिए और पठाणमाजरा कुछ दिन पहले ही माननीय हाईकोर्ट के आदेशों के बाद रिहा होकर आए हैं।

प्रदेश सरकार लोगों को उजाड़ने के बाद जागती है : हैरीमान

पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा हलका सनौर के कांग्रेस इंचार्ज हरिंदर पाल सिंह हैरीमान ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को उजाड़ने के बाद जागती है। अभी तक सरकार ने कहीं एक तसला मिट्टी तक नहीं निकलवाई और न ही सफाई करवाई है, जिससे स्पष्ट है कि सरकार खुद लोगों का उजाड़ा चाहती है। वास्तव में ‘आप’ सरकार का नाम ही उजाड़े वाली सरकार रख देना चाहिए। हैरीमान ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय इन नदियों और नालों के लिए कई प्रोजेक्ट बनाए गए थे, लेकिन उन्हें मौजूदा सरकार ने खत्म कर दिया। अब दोबारा कांग्रेस सरकार बनते ही इन नदियों और नालों की सुध ली जाएगी।

सरकार द्वारा अभी तक किसी भी नदी-नाले की सफाई न करवाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण : हरिंदर पाल चंदूमाजरा

हलका सनौर के पूर्व विधायक हरिंदर पाल सिंह चंदूमाजरा ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा नदियों और नालों की सफाई न करवाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बाढ़ का सबसे ज्यादा नुकसान हलका सनौर को होता है क्योंकि घग्गर के साथ-साथ टांगरी, मारकंडा सहित कई अन्य नदियां हलका सनौर से होकर गुजरती हैं। सरकार को अपनी गहरी नींद त्यागनी चाहिए और लोगों को बचाने के लिए तुरंत ठोस नीति बनाकर इनके किनारों को पक्का करवाना चाहिए तथा इनकी सफाई करवानी चाहिए, ताकि कोई बड़ा उजाड़ा न हो।

पटियाला शहर कई बार डूबा, लेकिन सरकार खामोश : योगिंदर योगी

नगर निगम पटियाला के पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर तथा वरिष्ठ कांग्रेसी नेता योगिंदर सिंह योगी ने कहा कि पटियाला कई बार सरकारों की लापरवाही के कारण डूब चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले साल भी अंदरूनी शहर का काफी नुकसान हुआ था क्योंकि पानी के बैक मारने के कारण छोटी नदी में पानी आ गया था और छोटी नदी ने अंदरूनी शहर को नुकसान पहुंचाया था। योगिंदर योगी ने कहा कि यदि सरकार नहीं जागी और मानसून अधिक जोर से पड़ गया तो पटियाला का हाल पिछले 3 साल जैसा ही हो जाएगा। वास्तव में पंजाब सरकार का सबसे अधिक आनंद अधिकारी उठा रहे हैं। राजनीतिक नेताओं को तो कोई परवाह ही नहीं है कि लोगों को कैसे बचाना है। पंजाब सरकार को तुरंत जागना चाहिए और इन नदियों-नालों की सफाई करवानी चाहिए।

सरकार का नदियों-नालों की सफाई की ओर कोई ध्यान नहीं : हरदयाल कंबोज

पंजाब कांग्रेस के महा सचिव तथा हलका राजपुरा के पूर्व विधायक हरदयाल सिंह कंबोज ने कहा कि मौजूदा सरकार हर मोर्चे पर बुरी तरह फेल है। 2023 में भी जब बाढ़ आई थी, उस समय राजपुरा में भी बाकायदा तौर पर सेना बुलानी पड़ी थी और फौज ने मोर्चा संभाला था। सरकार की कुंभकर्णी नींद यह दर्शाती है कि यह आम लोगों की नहीं, बल्कि केवल कुछ खास लोगों की पार्टी है। यदि नदियों-नालों की सफाई सही ढंग से नहीं हुई तो कांग्रेस इस संबंध में संघर्ष शुरू करेगी और लोगों को बचाने के लिए बड़े-बड़े धरने-प्रदर्शन भी करेगी।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here 

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!