Edited By Vatika,Updated: 12 Aug, 2026 08:34 AM

महानगर में पंजाब पुलिस के ड्रग-फ्री अभियानों और कार्रवाई के बड़े-बड़े दावों की हवा निकालते हुए ताजपुर रोड
लुधियाना, (राज): महानगर में पंजाब पुलिस के ड्रग-फ्री अभियानों और कार्रवाई के बड़े-बड़े दावों की हवा निकालते हुए ताजपुर रोड स्थित बिहारी कॉलोनी इस वक्त खुलेआम नशे का गढ़ बन चुकी है। पुलिसिया खौफ से बेपरवाह नशा तस्कर सुबह के उजाले से लेकर देर रात के अंधेरे तक यहां खुलेआम चिट्टा परोस रहे हैं। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि रात के घने अंधेरे में तस्कर बेझिझक मोबाइल की टॉर्च जलाकर नशेडिय़ों को मौत की खुराक बेच रहे हैं और मोटी कमाई कर रहे हैं। गंभीर बात यह है कि पंजाब केसरी द्वारा इलाके की जमीनी हकीकत को पहले भी उजागर किया गया था। लेकिन, पुलिस द्वारा कोई खास एवं ठोस कार्रवाई नहीं हो रही थी।
नाबालिगों की आड़ में खेल रहे बड़े मगरमच्छ
सामने आए ताजा वीडियो और पड़ताल में माफिया के एक और घिनौने पैंतरे का पर्दाफाश हुआ है। मौके पर जहरीले नशे की पुडिय़ा बेचने वाले कोई पेशेवर बड़े तस्कर नहीं, बल्कि मासूम और छोटी उम्र के नाबालिग बच्चे हैं। सूत्रों के मुताबिक, पुलिसिया कार्रवाई और सख्त कानूनी शिकंजे से बचने के लिए बड़े नशा तस्करों ने इन नाबालिगों को अपना मोहरा बना रखा है। ये किशोर बिहारी कॉलोनी के पास स्थित गंदे नाले के पुल पर दिन-रात पहरा देकर सरेआम नशा बेचते हैं। माफिया अच्छी तरह जानता है कि उम्र कम होने के कारण पुलिस इन बच्चों पर न तो सख्त कार्रवाई कर पाएगी और न ही कड़ाई से पूछताछ। इसी कानूनी ढाल का फायदा उठाकर मुख्य सरगना पर्दे के पीछे रहकर अपनी तिजोरियां भर रहे हैं और बच्चों का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं।
पुलिस की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
इस पूरे गोरखधंधे में सबसे शर्मनाक पहलू पुलिस की आपराधिक अनदेखी और लाचारी का है। पूर्व में सामने आए वीडियो में नशा तस्कर खुलेआम पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी को ठेंगा दिखाते और ललकारते नजर आए थे। ऐसा संभव ही नहीं है कि पुलिस तंत्र के खुफिया नेटवर्क को इलाके में चल रहे इस खुले खेल की जानकारी न हो। इसके बावजूद कोई ठोस छापेमारी या बड़ी कार्रवाई न होना स्थानीय पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करता है। इलाके के स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश पाया जा रहा है। इलाके के लोगों का कहना है कि जब वह नशा तस्करों को रोकने का प्रयास करते है तो उल्टा उन पर नशा बेचने का झूठा इल्जाम लगा दिया जाता है और उन्हे ही तंग परेशान किया जाता था। उन्होने पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि बिहारी कलोनी में पुलिस की गश्त और कार्रवाई के बावजूद नशा तस्कर कैसे सक्रिय है। उन्होने मांग की है कि इन नशा तस्करों पर ठोस कार्रवाई की जाए ताकि इलाके को नशा मुक्त बनाया जा सके।