Edited By Kalash,Updated: 31 May, 2026 11:43 AM

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में बनी अनिश्चित स्थिति के कारण देश में रसोई गैस और कमर्शियल गैस की आपूर्ति व्यवस्था अभी तक पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सकी है।
जालंधर (धवन): अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में बनी अनिश्चित स्थिति के कारण देश में रसोई गैस और कमर्शियल गैस की आपूर्ति व्यवस्था अभी तक पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सकी है। पिछले करीब दो महीनों से उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडरों की समय पर डिलीवरी नहीं मिल रही, जिससे आम लोगों के साथ-साथ छोटे कारोबारियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस एजेंसियों में बार-बार संपर्क करने के बावजूद सिलेंडर कई दिनों तक नहीं पहुंच रहे हैं। ऑनलाइन बुकिंग के बाद भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जिसके कारण घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। कई परिवारों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
जानकारों के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर विश्व के बड़े हिस्से का तेल और गैस परिवहन होता है। क्षेत्र में जारी तनाव के कारण आपूर्ति शृंखला (सप्लाई चेन) प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत समेत कई देशों में देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक हॉर्मुज क्षेत्र में स्थिति सामान्य नहीं होती और समुद्री मार्ग पूरी तरह सुचारु नहीं होते, तब तक गैस आपूर्ति पर दबाव बना रह सकता है।
उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों में प्रशासन लोगों को राहत देने में सफल नहीं हो पाया है। दूसरी ओर बाजार में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कथित कालाबाजारी को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ स्थानों पर गैस की कमी का फायदा उठाकर अधिक कीमत वसूली जा रही है, जिससे आम उपभोक्ता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
व्यापारिक प्रतिष्ठानों, ढाबों और छोटे होटल कारोबारियों का कहना है कि कमर्शियल गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण उनके संचालन खर्च में वृद्धि हुई है। कई व्यापारियों को समय पर सिलेंडर नहीं मिलने से कारोबार प्रभावित हो रहा है। लोगों और व्यापारिक संगठनों ने केंद्र तथा राज्य सरकार से मांग की है कि गैस आपूर्ति को सामान्य बनाने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।
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