Edited By Kamini,Updated: 25 Sep, 2026 03:13 PM

फोन करने वाले अज्ञात ठगों ने खुद को भारतीय सेना का जवान बताया और छावनी क्षेत्र में तैनात होने का दावा किया।
फगवाड़ा (जलोटा): फगवाड़ा से साइबर अपराध का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया हैं जहां शातिर साइबर ठगों ने एक बस ड्राइवर को अपनी ठगी का शिकार बनाते हुए उसके बैंक खाते से करीब 60 हजार रुपए उड़ा लिए। घटना के अनुसार पीड़ित बस चालक बहादुर सिंह ने बताया कि उन्हें जालंधर कैंट से पटियाला तक के लिए एक बस बुकिंग का फोन आया था। फोन करने वाले अज्ञात ठगों ने खुद को भारतीय सेना का जवान बताया और छावनी क्षेत्र में तैनात होने का दावा किया।
भरोसा जीतने के लिए ठगों ने बस मालिक से पेमेंट प्रक्रिया शुरू करने के नाम पर क्यूआर कोड यानी स्कैनर मांगा। शुरुआती प्रक्रिया के दौरान आरोपियों ने चालक के खाते में एक रुपया भेजने के बाद बदले में 2 रुपये वापस भेजकर उसका विश्वास पूरी तरह से जीत लिया। आरोपियों ने झांसा दिया कि उनके खाते से भुगतान प्राप्त करने के लिए पहले कुछ राशि जमा करानी होगी। चालक ने सेना के जवानों पर विश्वास करते हुए प्रक्रिया आगे बढ़ाई, लेकिन कुछ ही पलों के भीतर उसके खाते से किश्तों में कुल 60 हजार रुपये कट गए।
जब तक पीड़ित को अहसास हुआ कि उसके साथ बड़ा धोखा हुआ है, तब तक साइबर ठगों ने पैसे अपने खातों में ट्रांसफर कर लिए थे। मिनी बस ऑप्रेटर यूनियन के नेता हरविंदर सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित बहादुर सिंह एक गरीब व्यक्ति हैं और वे हृदय रोग ‘हार्ट पेशैंट’ से पीड़ित हैं। उन्होंने अपने इलाज और ऑप्रेशन के लिए ये 60 हजार रुपए बड़ी मेहनत से जोड़कर बैंक खाते में रखे हुए थे जो अब ठगी की भेंट चढ़ चुके हैं। पैसे डूबने के बाद पीड़ित मानसिक रूप से बेहद आहत है।
यूनियन के नेताओं ने इस धोखाधड़ी की लिखित शिकायत तत्काल साइबर क्राइम सेल को दे दी हैं और पुलिस प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। यूनियन ने पंजाब सरकार तथा पुलिस विभाग से अपील की है कि पीड़ित के इलाज के पैसे वापस दिलवाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं व फर्जी मिलिट्री अफसर बनकर लोगों को लूटने वाले इस गिरोह के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
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