Edited By Kalash,Updated: 17 Sep, 2026 03:24 PM

एक तरफ स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों को विभिन्न मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने और बेहतर इलाज देने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सिविल अस्पताल में कुछ डॉक्टरों की कथित लेटलतीफी के कारण मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं को परेशानी का...
तरनतारन (रमन): एक तरफ स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों को विभिन्न मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने और बेहतर इलाज देने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सिविल अस्पताल में कुछ डॉक्टरों की कथित लेटलतीफी के कारण मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार सुबह जिला स्तरीय सिविल अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में बड़ी संख्या में मरीज डॉक्टरों का इंतजार करते हुए कतारों में खड़े दिखाई दिए। मरीजों का आरोप है कि कुछ डॉक्टर निर्धारित समय पर ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होते, जिसके चलते लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। मरीजों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारी ड्यूटी का समय पूरा होने से पहले ही अस्पताल से चले जाते हैं, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
झब्बाल निवासी सरबजीत सिंह ने बताया कि वह अपनी पत्नी के इलाज के लिए सुबह सिविल अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड पहुंचे थे। उनके अनुसार सुबह 8 बजे के बाद भी महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों के कमरों पर ताले लगे हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय अल्ट्रासाऊंड करने वाली डॉक्टर नीतू तेजपाल भी मौजूद नहीं थीं। इस दौरान अन्य मरीजों के साथ कई गर्भवती महिलाएं भी डॉक्टर के आने का इंतजार करते हुए कतारों में खड़ी थीं। सरबजीत सिंह के मुताबिक महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राजपिंदर कौर के कमरे के आसपास भी उस समय कोई संबंधित स्टाफ मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि वहां मौजूद लोगों से पूछताछ करने पर उन्हें बताया गया कि डॉक्टर अक्सर सुबह 9 बजे के बाद पहुंचते हैं।
उन्होंने बताया कि जब अल्ट्रासाऊंड करने वाली डॉक्टर नीतू तेजपाल के कमरे में मौजूद एक महिला कर्मचारी से डॉक्टर के आने के समय के बारे में पूछा गया तो संतोषजनक जानकारी नहीं मिली और उन्हें बताया गया कि डॉक्टर 9 बजे के बाद आएंगी। मौके पर मौजूद कुछ अन्य मरीजों ने भी आरोप लगाया कि अल्ट्रासाऊंड करने वाली डॉक्टर नीतू तेजपाल और महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राजपिंदर कौर अक्सर 9 बजे के बाद ड्यूटी पर पहुंचती हैं। सरबजीत सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के निदेशक और अन्य उच्च अधिकारियों से मांग की कि सिविल अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि इलाज के लिए आने वाले मरीजों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
औचक निरीक्षण करेंगे, लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी : सिविल सर्जन
इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. संदीप धवन ने बताया कि मामला उनके ध्यान में आ चुका है। उन्होंने कहा कि वह जिले भर के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। ड्यूटी के दौरान लापरवाही या लेटलतीफी सामने आने पर संबंधित स्टाफ के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। डॉ. धवन ने कहा कि किसी भी मरीज को इलाज के लिए अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़े, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि गर्मियों के समय अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों तथा अन्य स्टाफ की सुबह 8 बजे उपस्थिति सुनिश्चित करवाई जाएगी।
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