Edited By Vatika,Updated: 22 May, 2026 01:52 PM

कनाडा जाने का सपना देख रहे हजारों पंजाबियों के लिए अहम खबर सामने आई है।
पंजाब डेस्क: कनाडा जाने का सपना देख रहे हजारों पंजाबियों के लिए अहम खबर सामने आई है। दरअसल, कनाडा सरकार अब Spouse Visa नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिससे सबसे ज्यादा असर पंजाब के युवाओं पर पड़ने की संभावना है। नए प्रस्तावित नियमों के तहत अब Spouse Open Work Permit (SOWP) पर कनाडा जाने वाले जीवनसाथी के लिए IELTS टेस्ट पास करना अनिवार्य किया जा सकता है। यानी अब बिना IELTS के कनाडा जाना आसान नहीं रहेगा।
नियमों में बदलाव का सीधा असर पंजाब के पर
इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स के अनुसार पंजाब से हर साल करीब 35 हजार लोग Spouse Visa के लिए आवेदन करते हैं, जबकि फिलहाल लगभग 22 हजार फाइलें प्रोसेस में चल रही हैं। ऐसे में नियमों में बदलाव का सीधा असर पंजाब के उन परिवारों पर पड़ेगा, जो Spouse Visa के जरिए कनाडा जाने की योजना बना रहे हैं। कनाडा इमीग्रेशन विभाग (IRCC) के फॉरवर्ड रेगुलेटरी प्लान के मुताबिक अब केवल उन्हीं लोगों को Spouse Open Work Permit मिलेगा, जिनके पार्टनर कनाडा में Masters, PhD या मेडिकल, इंजीनियरिंग जैसे प्रोफेशनल कोर्स कर रहे हों या फिर हाई-स्किल जॉब में कार्यरत हों। साधारण डिप्लोमा, सर्टिफिकेट या बैचलर कोर्स कर रहे छात्रों के जीवनसाथी अब इस सुविधा के लिए योग्य नहीं माने जाएंगे।
दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 तक लागू हो सकते है नियम
अब तक कई लोग कॉन्ट्रैक्ट मैरिज या दिखावटी शादी कर Spouse Visa के जरिए कनाडा पहुंच जाते थे, क्योंकि पहले भाषा टेस्ट की कोई अनिवार्यता नहीं थी। लेकिन नए नियम लागू होने के बाद ऐसे मामलों पर काफी हद तक रोक लगने की उम्मीद है। नए प्रस्ताव के अनुसार कनाडा जाने के इच्छुक व्यक्ति को भारत में रहकर ही IELTS या CELPIP टेस्ट पास करना होगा। माना जा रहा है कि सामान्य वर्क परमिट के लिए CLB-5 और स्किल्ड जॉब्स के लिए CLB-7 स्कोर जरूरी किया जा सकता है। हालांकि फिलहाल ये नियम केवल प्रस्ताव के रूप में हैं और अभी लागू नहीं हुए हैं। माना जा रहा है कि दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 तक इन्हें लागू किया जा सकता है। तब तक पुराने नियमों के तहत आवेदन किए जा सकेंगे। कनाडा सरकार का कहना है कि भाषा की कमी के कारण कई लोग वहां जाकर अच्छी नौकरी हासिल नहीं कर पाते और उनका शोषण होने का खतरा बढ़ जाता है। नए नियमों से जहां वर्कप्लेस सेफ्टी बेहतर होगी, वहीं फर्जी शादियों और गलत तरीके से वीजा लेने के मामलों पर भी लगाम लगेगी।