Edited By Urmila,Updated: 25 Nov, 2025 02:00 PM

पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के सीनेट चुनावों को लेकर अब तक कोई स्पष्ट घोषणा नहीं हुई है, जिस कारण स्टूडेंट्स और अन्य संगठनों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
पंजाब डेस्क : पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के सीनेट चुनावों को लेकर अब तक कोई स्पष्ट घोषणा नहीं हुई है, जिस कारण स्टूडेंट्स और अन्य संगठनों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। 26 नवंबर को, पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ बचाओ मोर्चा ने विश्वविद्यालय को बंद करने का ऐलान किया है। इस दिन किसानों की ओर से अपनी संघर्ष की पांचवीं वर्षगांठ मनाई जाएगी और चंडीगढ़ के दशहरा ग्राउंड में एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित होगा। इसमें करीब 10,000 किसान और 30 से अधिक संगठनों के सदस्य भाग ले सकते हैं। इसके साथ ही, पंजाब के विभिन्न कॉलेजों के छात्रों को भी इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए चंडीगढ़ आने का आह्वान किया गया है।
ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था पर असर
चंडीगढ़ और मोहाली में हजारों की संख्या में किसानों और छात्रों के आने से ट्रैफिक पर भारी दबाव पड़ने की संभावना है। शहर की सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग सकती हैं और यात्रा करना मुश्किल हो सकता है। पुलिस के लिए भी यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति हो सकती है, क्योंकि एक साथ बड़ी संख्या में लोग सड़क पर होंगे। इसको ध्यान में रखते हुए चंडीगढ़ और मोहाली पुलिस ने सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए विशेष योजना बनाई है। चंडीगढ़ पुलिस द्वारा 3000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
चंडीगढ़ पुलिस ने सुरक्षा के लिए किए तैयारियां
चंडीगढ़ पुलिस के एसएसपी कंवरदीप कौर ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था भी सुचारू रखने के लिए खास प्लान तैयार किया जाएगा। पुलिस ने शहरवासियों से सहयोग की अपील की है और कहा कि अगर लोग अवश्य न हों तो यात्रा से बचें ताकि सड़क पर भीड़ न हो और प्रदर्शन में कोई समस्या उत्पन्न न हो।
सीनेट चुनाव पर अभी भी असमंजस, यूनिवर्सिटी में बढ़ा गुस्सा
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अब तक सीनेट चुनाव की तारीख तय नहीं की है, जिससे छात्रों में नाराजगी है। 25 नवंबर तक यूनिवर्सिटी प्रशासन ने चंडीगढ़ बचाओ मोर्चा से समय लिया था, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट तारीख सामने नहीं आई। इसी वजह से मोर्चा ने 26 नवंबर को यूनिवर्सिटी को पूरी तरह बंद करने का ऐलान किया है। इस बंद को सफल बनाने के लिए विभिन्न छात्र संगठन रैलियां निकालने में जुटे हैं और विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और दुकानदारों को भी आंदोलन में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
पंजाब के गांवों और शिक्षक संगठनों से समर्थन
मोगा जिले के पंजग्राईं खुर्द गांव की पंचायत ने इस प्रदर्शन का समर्थन किया है और लोगों से चंडीगढ़ पहुंचने की अपील की है। पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर कहा है कि चंडीगढ़ पर पंजाब का हक है और इस मोर्चे का समर्थन किया जाए। इसके अलावा, पंजाब टीचर्स एसोसिएशन और स्कूल टीचर्स फेडरेशन जैसे शिक्षक संगठन भी इस मोर्चे के साथ खड़े हो गए हैं और उन्होंने ऐलान किया है कि वे भी 26 नवंबर को प्रदर्शन में शामिल होंगे।
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