पराली जलाने के मामलों में अमृतसर TOP पर, पंजाब भर में सबसे ज्यादा केस, टूटे सारे रिकार्ड

Edited By Vatika,Updated: 10 Oct, 2026 11:03 AM

amritsar tops the list for stubble burning incidents

माना जा रहा है कि चुनावी सीजन होने के चलते प्रशासन इस बार सख्ती करने के मूड में नहीं है।

अमृतसर(नीरज): एक तरफ जहां जिला प्रशासन की तरफ से किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से जागरुकता वैन्स चलाई जा रही हैं जो जिले भर में संवेदनशील इलाकों में जाकर किसानों को अपील कर रही हैं कि पराली को न जलाएं और इसको खेतों में मिलाकर न सिर्फ प्रदूषण फैलने से रोकें बल्कि खेतों की उपजाऊ मिट्टी की गुणवत्ता को भी बरकरार रखें। वहीं दूसरी तरफ धान की कटाई के पहले सप्ताह में ही अमृतसर जिला पराली जलाने के मामले में पूरे पंजाब में नंबर वन पर आ गया है। पिछले 2 सप्ताह के दौरान जिले में पराली जलाने के 59 मामले सामने आ चुके हैं लेकिन प्रशासन की तरफ से इन मामलों में एक भी एफ.आई.आर. दर्ज नहीं करवाई गई है। एक लाख रुपया जुर्माना और नोटिस जरुर निकाले गए हैं इसकी तुलना में पिछले वर्ष के दौरान प्रशासन की तरफ से उन किसानों के खिलाफ दर्जनों एफ.आई.आर. दर्ज करवाई गई थी जो पराली जला रहे थे। माना जा रहा है कि चुनावी सीजन होने के चलते प्रशासन इस बार सख्ती करने के मूड में नहीं है।

केन्द्र सरकार ने बनाया फ्लाइंग स्कवॉयड, रोजाना देनी होगी रिपोर्ट
पंजाब में पराली जलाने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए केन्द्र सरकार के प्रदूषण कंट्रोल विभाग की तरफ से फ्लाइंग स्कवॉयड का गठन किया गया है जहां सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को अपने-अपने जिले में पराली जलाने संबंधी प्रतिदिन रिपोर्ट देनी होगी।

एस.आई.आर. व अन्य ड्यूटियों में व्यस्त होने के कारण बिगड़े हालात
इन दिनों सभी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को एस.आई.आर. व अन्य ड्यूटियों में तैनात किया गया है। अभी यह काम खत्म भी नहीं हुआ कि जनगणना का काम भी शुरू होने वाला है। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारी भी पराली जलाने के मामले में उतना फोकस नहीं कर पा रहे हैं जितना फोकस होना चाहिए।

पिछले वर्ष भी नंबर वन था अमृतसर जिला
आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि पिछले वर्ष भी जिला अमृतसर पराली जलाने के मामले में नंबर वन पर ही था। प्रशासन की लाख अपीलों व दलीलों के बावजूद किसानों की तरफ से पराली के अवशेषों को आग लगाई गई।

28 मामलों के साथ तरनतारन जिला दूसरे नंबर पर
जहां अमृतसर में इस समय 59 मामले पराली जलाने के सामने आ चुके हैं तो वहीं तरनतारन जिले में 28 मामले सामने आने के कारण तरनतारन जिला दूसरे नंबर पर है। इसकी तुलना में फिरोजपुर जिले में 5 केस सामने आने के कारण यह जिला तीसरे नंबर पर है और गुरदासपुर जिला 4 केसों के कारण चौथे नंबर पर चल रहा है। वहीं मोगा, पटियाला व संगरूर में अभी तक दो-दो केस ही सामने आए हैं जो आने वाले दिनों में बढ़ने की पूरी संभावना है।

ए.क्यू.आई. खतरनाक स्तर पर
पराली जलाने से निकलने वाले जहरीले धुएं के कारण जिले में ए.क्यू.आई. भी खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। जिले में अलग-अलग इलाकों में ऐवरेज ए.क्यू.आई. इस समय 155 से लेकर 208 के बीच है, जो खतरनाक है। सामान्य दिनों में ए.क्यू.आई. 50 से नीचे होना चाहिए। जिस प्रकार से पराली जलाने के मामले आ रहे हैं उसको देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ए.क्यू.आई. और ज्यादा खतरनाक होगा क्योंकि अभी तो पराली जलाने की शुरुआत ही हुई है।

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