Edited By Kalash,Updated: 18 Jun, 2026 10:52 AM

जलियांवाला बाग मैमोरियल सिविल अस्पताल, अमृतसर में नर्सिंग स्टाफ की कमी गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है।
अमृतसर (दलजीत): जलियांवाला बाग मैमोरियल सिविल अस्पताल, अमृतसर में नर्सिंग स्टाफ की कमी गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। 200 बैड वाले इस जिला स्तरीय अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या के मुकाबले नर्सों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। जानकारी के अनुसार अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के 94 मंजूरशुदा पदों में से करीब 19 पद खाली पड़े हैं। इस प्रकार लगभग 20 प्रतिशत स्टाफ की कमी है। इस समय केवल 75 नर्सें ही सेवाएं दे रही हैं जिसके कारण उन पर काम का बोझ बढ़ गया है। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब लगभग 10 नर्सों को डैपुटेशन पर अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में भेज दिया गया। इसके चलते अस्पताल की ड्यूटी व्यवस्था प्रभावित हुई है और कई बार एक नर्स को एक से अधिक वार्डों की जिम्मेदारी निभानी पड़ती है।
एमरजेंसी और आई.सी.यू. सेवाओं पर असर
नर्सिंग स्टाफ की कमी का सबसे अधिक प्रभाव एमरजैंसी वार्ड, आई.सी.यू. और नवजात शिशु संभाल ईकाई में देखने को मिल रहा है। इन विभागों में अनुभवी और प्रशिक्षित स्टाफ की आवश्यकता होती है लेकिन स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को समय पर सेवाएं उपलब्ध करवाना चुनौती बना हुआ है।
मरीजों की बढ़ीं परेशानियां
ग्रामीण और दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले गरीब मरीजों के लिए सिविल अस्पताल एक महत्वपूर्ण सहारा है लेकिन स्टाफ की कमी के कारण कई मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। परिजनों का कहना है कि एक नर्स पर कई मरीजों की जिम्मेदारी होने के कारण उनकी उचित देखभाल नहीं हो पाती।
सरकार को भेजा गया मांग पत्र
अस्पताल प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पंजाब सरकार और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को नर्सिंग स्टाफ की तुरंत भर्ती तथा डैपुटेशन नीति की समीक्षा के लिए पत्र भेजा है।
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