अकाली दल व भाजपा का अलग होना तय, केवल समय की बात रह गई है : जाखड़

Edited By Sunita sarangal,Updated: 06 Oct, 2019 10:09 AM

akali dal and bjp set to separate only time is left jakhar

पंजाब कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी आज स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि पंजाब में अकाली दल तथा भाजपा दोनों में जल्द ही संबंध विच्छेद कर लेंगे।

जालन्धर(धवन): पंजाब कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी आज स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि पंजाब में अकाली दल तथा भाजपा दोनों में जल्द ही संबंध विच्छेद कर लेंगे। अब तो भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व अकाली दल को छोड़ने के लिए तैयार बैठा है। जाखड़ ने आज कहा कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को जो समय बेहतर लगेगा उस समय वह अकाली दल को अलविदा कह देगा। उसका आधार तो तैयार हो चुका है। हरियाणा में भाजपा ने अकाली दल को छोड़ दिया है।

जाखड़ ने कहा कि यद्यपि यह मामला अकाली दल व भाजपा का अंदरूनी है परन्तु कांग्रेस भी इस पर पैनी नजर रख कर चल रही है। उन्होंने कहा कि वास्तव में अब समय ऐसा आ गया है कि भाजपा नेताओं को महसूस होने लगा है कि अकाली दल के साथ रह कर वह आगे नहीं बढ़ सकते, क्योंकि अकाली नेताओं पर भ्रष्टाचार तथा नशों को बढ़ावा देने के गम्भीर आरोप लगे हुए हैं। यह बात भाजपा के केंद्रीय व प्रदेश नेताओं को मालूम है। 

जाखड़ ने कहा कि अकाली दल के शासनकाल में पंजाब में नशों को जमकर बढ़ावा दिया गया। पंजाब के नौजवान अगर नशों की चपेट में हैं तो इसके लिए अकाली जिम्मेदार है। इसी तरह से पूर्व अकाली शासनकाल में भ्रष्टाचार ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जिस तरह से सभी राज्यों में अकेले चुनाव लड़ रहे हैं उसी तरह वह पंजाब में भी करना चाहते हैं। भाजपा के प्रदेश नेताओं ने भी अब अकाली दल से अलग होने के बहाने ढूंढने शुरू कर दिए हैं, इसीलिए कभी वह 50 प्रतिशत सीटें मांगने की बात कर रहे हैं तो कभी कुछ और कह रहे हैं। जाखड़ ने कहा कि 21 अक्तूबर को होने वाले 4 विधानसभा सीटों के उपचुनाव में अकाली दल, भाजपा तथा आम आदमी पार्टी तीनों के पास कोई मुद्दा नहीं है। 

मुख्यमंत्री कै. अमरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस सभी चारों सीटों पर शानदार जीत अर्जित करेगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह अमित शाह ने अमृतसर में विधानसभा चुनावों से पहले नशे के खिलाफ रैली निकालने की बात कही थी मगर बाद में उसे रद्द कर दिया था। इसी के चलते भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भ्रष्ट और नशे को बढ़ावा देने वालों से छुटकारा पाने को तैयार बैठा है। 

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