बिजली की बढ़ती डिमांड के बीच पंजाब में गहराया संकट, 3 थर्मल प्लांट यूनिट बंद

Edited By Kamini,Updated: 11 Sep, 2026 12:59 PM

3 thermal plant units shut down

पंजाब में कोयले की पर्याप्त सप्लाई न मिलने के कारण बिजली संकट गहराता जा रहा है। प्रदेश में बिजली उत्पादन मुख्य रूप से थर्मल प्लांटों पर निर्भर है, लेकिन मौजूदा समय में कोई भी थर्मल प्लांट अपनी पूरी क्षमता के अनुसार बिजली का उत्पादन नहीं कर रहा।

पंजाब डेस्क: पंजाब में कोयले की पर्याप्त सप्लाई न मिलने के कारण बिजली संकट गहराता जा रहा है। प्रदेश में बिजली उत्पादन मुख्य रूप से थर्मल प्लांटों पर निर्भर है, लेकिन मौजूदा समय में कोई भी थर्मल प्लांट अपनी पूरी क्षमता के अनुसार बिजली का उत्पादन नहीं कर रहा। इसका सीधा असर बिजली सप्लाई पर पड़ रहा है और लोगों को बिजली कटों का सामना करना पड़ रहा है। पंजाब में हाल ही में आए बिजली संकट ने हर वर्ग के लोगों को चिंता में डाल दिया है। लगातार कई घंटों तक बिजली कट लगाने के बाद लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। 

जानकारी के मुताबिक, प्राइवेट थर्मल प्लांट तलवंडी साबो की 3 यूनिटों में से एक यूनिट कल से बंद पड़ी है। वहीं, वीरवार देर रात से राजपुरा थर्मल प्लांट की भी एक यूनिट में बिजली उत्पादन बंद है। इस तरह फिलहाल 2 प्राइवेट थर्मल प्लांटों की एक-एक यूनिट और एक सरकारी थर्मल प्लांट की एक यूनिट से बिजली उत्पादन नहीं हो रहा। बिजली उत्पादन में कमी के चलते पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) को केंद्रीय पूल से ज्यादा बिजली खरीदनी पड़ रही है। इसके बावजूद बिजली की मांग अधिक होने के कारण प्रदेश के कई इलाकों में लोगों को कटों का सामना करना पड़ रहा है।

हालांकि इस बिजली संकट को ठीक करने और बिजली की मांग को पूरा करने के लिए प्रदेश को बाहर से बिजली खरीदनी पड़ रही है। कमी के अंतर को पूरा करने के लिए बिजली खरीदना अनिवार्य हो गया है जिसका बोझ भी प्रदेश पर पड़ रहा है।

बता दें कि पंजाब के बिजली मंत्री ने करीब 4 दिन पहले ही थर्मल प्लांटों में कोयले की कमी को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि प्लांटों के पास कोयले का स्टॉक कम हो गया है और अगर जल्द पर्याप्त सप्लाई नहीं मिली तो प्रदेश में बिजली संकट पैदा हो सकता है। वहीं, PSPCL के अधिकारियों के मुताबिक कोयले की सप्लाई पंजाब को मिल रही है, लेकिन यह जरूरत के मुताबिक पर्याप्त नहीं है। कोयले की कमी के चलते थर्मल प्लांटों की जनरेशन प्रभावित हो रही है, जिसका असर प्रदेश की बिजली सप्लाई पर पड़ रहा है।

पंजाब में बिजली डिमांड

पंजाब में अगर बिजली डिमांड की बात करें तो ये 14,195 मेगावाट पहुंच गई है। पंजाब में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। वीरवार की रात 12 बजे प्रदेश में बिजली की डिमांड 11,655 मेगावाट थी, जो शुक्रवार सुबह 8:30 बजे बढ़कर 14,195 मेगावाट हो गई। वहीं दिन के समय बिजली की मांग 16,500 मेगावाट से ज्यादा बनी हुई है। रात से सुबह तक पंजाब में करीब 4,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ, जबकि करीब 7,100 मेगावाट बिजली केंद्रीय पूल से खरीदी गई।

बिजली कटों से लोग परेशान 

बिजली उत्पादन और मांग के बीच अंतर के कारण पंजाब के कई इलाकों में लोगों को बिजली कटों का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय कटों की समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है। इसकी एक वजह यह भी है कि दिन में करीब 400 मेगावाट बिजली सौर ऊर्जा से मिल जाती है, लेकिन रात होते ही सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन शून्य हो जाता है। इससे रात के समय बिजली की कमी और बढ़ जाती है।

केंद्रीय पूल से खरीदी बिजली

बिजली संकट के बीच पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) केंद्रीय पूल से बिजली ले रही है। इसी के चलते आज 11,770 बिजली खरीद रही है। अगर स्थिति ऐसी ही बनी रही तो लोगों आने वाले समय में और बिजली कटों का सामना करना पड़ सकता है।

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