Edited By Vatika,Updated: 01 Oct, 2026 02:08 PM

पंजाब में 108 एम्बुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा
लुधियाना(गणेश/सचिन): पंजाब में 108 एम्बुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। वीरवार को लुधियाना में कर्मचारियों ने डिप्टी कमिश्नर को मांग पत्र सौंपते हुए राज्य सरकार से जल्द समस्याओं का समाधान करने की अपील की।
कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से बेहद कम वेतन पर काम कर रहे हैं। मौजूदा महंगाई के दौर में इतने कम वेतन से परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो गया है। उनका आरोप है कि वे कई बार अलग-अलग सरकारों के समक्ष अपनी मांगें रख चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें आम आदमी पार्टी की सरकार से काफी उम्मीदें थीं। इस संबंध में उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के साथ कई बार बैठकें कीं। इसके अलावा मुख्यमंत्री और प्रिंसिपल सेक्रेटरी राहुल कुमार के समक्ष भी अपनी समस्याएं रखीं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला। कर्मचारियों का आरोप है कि अब स्वास्थ्य मंत्री उनसे मुलाकात करने से भी बच रहे हैं।
ये हैं कर्मचारियों की 5 प्रमुख मांगें
- PHSC के उच्च अधिकारियों द्वारा तैयार किए गए ड्राफ्ट को जल्द लागू किया जाए।
- सभी कर्मचारियों का 50 लाख रुपये का बीमा किया जाए।
- जनवरी 2023 का बकाया वेतन जल्द जारी किया जाए।
- निजी कंपनी के अधीन व्यवस्था समाप्त कर कर्मचारियों को सीधे सरकार के अधीन किया जाए।
- कर्मचारियों की वेतन संबंधी समस्याओं और अन्य लंबित मांगों का जल्द समाधान किया जाए।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि उन्होंने अब तक आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ कोई बड़ा विरोध प्रदर्शन नहीं किया है, लेकिन मांगें पूरी न होने पर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में पंजाब के हर शहर, गांव और कस्बे में बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री और अन्य मंत्रियों के आवासों का घेराव भी किया जाएगा। कर्मचारियों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को जल्द स्वीकार नहीं किया और आंदोलन के दौरान उन्हें परेशान किया गया, तो वे 108 एम्बुलेंस सेवा बंद करने जैसा कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी।