महीना खत्म होने में 5 दिन शेष, अभी तक रिलीज नहीं हुई 1.35 लाख लाभपात्रियों की पैंशन

Edited By swetha,Updated: 25 Jun, 2019 11:51 AM

1 35 lakh beneficiaries pension have not been released yet

जिले में 1.35 लाख लाभपात्रियों को पैंशन दी जाती है, जून महीना खत्म होने में 5 दिन शेष बचे हैं लेकिन अभी तक लोगों के खातों में पैंशन नहीं आई, जिसके चलते पैंशनर्ज को कई तरह की परेशानी झेलनी पड़ रही है।

जालंधर(पुनीत): जिले में 1.35 लाख लाभपात्रियों को पैंशन दी जाती है, जून महीना खत्म होने में 5 दिन शेष बचे हैं लेकिन अभी तक लोगों के खातों में पैंशन नहीं आई, जिसके चलते पैंशनर्ज को कई तरह की परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस तरह से प्रोसैस चल रहा है, उसके मुताबिक पैंशन क्लीयर होने में अभी भी कुछ दिन का समय लग सकता है। पैंशन देने की कार्रवाई जिला सामाजिक सुरक्षा कार्यालय द्वारा की जाती है, जून माह के पहले सप्ताह 10.16 करोड़ के बिल बनाकर माल विभाग को भेजे जा चुके हैं लेकिन बिल अभी तक खजाने में अटके हुए हैं। पैंशनर्ज का कहना है कि राशि न आने के चलते उनके कई तरह के काम पूरे नहीं हो पाए हैं। सरकार को चाहिए कि पैंशन देने का काम माह के पहले सप्ताह में पूरा कर दिया जाए ताकि वे अपने कामकाज आसानी से निपटा सकें। 

जिन 1.35 लाख लाभपात्रियों को पैंशन दी जाती है, उनमें बूढ़े, बच्चे, विधवा, अपंग शामिल हैं। प्रत्येक व्यक्ति को 750 रुपए पैंशन दी जाती है, जो सीधे उनके खातों में डाल दी जाती है। माल विभाग से बिल क्लीयर करके बनती राशि जिला सामाजिक सुरक्षा को ट्रांसफर कर दी जाती है, जिसके बाद संबंधित विभाग द्वारा लाभपात्रियों के खातों में राशि डाल दी जाती है। डी.एस.एस.ओ. (डिस्ट्रिक सोशल सिक्योरिटी ऑफिसर) वरिन्द्र सिंह बैंस का तबादला होने के चलते उक्त पोस्ट पर गुलबर्ग सिंह को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। उनके पास इसके साथ-साथ कपूरथला का चार्ज है। फोन पर हुई बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पैंशन बनाकर माल विभाग को माह के पहले सप्ताह भेज दिया था। जैसे ही फाइल क्लीयर होकर उनके पास पहुंचेगी तुरंत प्रभाव से उसे लाभपात्रियों के खातों में डाल दिया जाएगा।

विधवा के 2 बच्चे पढ़ाई हेतु ले सकते हैं पैंशन
सरकार द्वारा शुरू की गई पैंशन योजना के तहत 4 वर्ग पैंशन लेने का अधिकार रखते हैं। इनमें सीनियर सिटीजन, विधवा व अपंग व्यक्तियों के साथ-साथ नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि विधवा के 2 बच्चे पैंशन ले सकते हैं। उक्त पैंशन पढ़ाई के लिए दी जाती है। बच्चा जब 18 वर्ष का हो जाता है तो उसकी पैंशन बंद हो जाती है। इसी तरह से 50 प्रतिशत से अधिक अपंग व्यक्ति पैंशन का लाभ ले सकते हैं।उन्हें सरकारी डाक्टर द्वारा प्रमाणित सर्टीफिकेट के आधार पर पैंशन शुरू की जाती है। पैंशन का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन अप्लाई करने के साथ संबंधित सी.डी.पी.ओ. (चाइल्ड डिवैल्पमैंट प्रोजैक्ट ऑफिस) में सम्पर्क किया जा सकता है। गांधी वनिता आश्रम भी सी.डी.पी.ओ. ऑफिस है। सभी सी.डी.पी.ओ. ऑफिस द्वारा डी.सी. ऑफिस स्थित जिला सामाजिक सुरक्षा ऑफिस (डी.एस.एस.ओ.) को रिपोर्ट करनी होती है।

बैंकों में गुमराह होने की जरूरत नहीं
कुछ पैंशनर्ज ने बताया कि उनके खाते में आई हुई पैंशन को जब वह निकलवाने के लिए बैंक जाते हैं तो उन्हें कहा जाता है कि अपने अकाऊंट में कम-से-कम 1 हजार रुपए रखो। उनका कहना है कि यदि वह आर्थिक रूप से समृद्ध होते तो उन्हें पैंशन लेने की क्या जरूरत है। वहीं, इस संबंध में बैंक (पी.एन.बी.) से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि जन धन योजना के तहत खोले गए खातों में 1 हजार रुपए रखने की अभी कोई शर्त नहीं है, इसलिए आवश्यकता है कि पैंशनर्ज गुमराह न हों। जन-धन योजना के तहत जो खाते खोले गए हैं, वह जीरो बैलेंस खाते हैं, जिनमें राशि न होने पर भी उन्हें बंद नहीं किया जाता।

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