क्या हाईकमान के फरमान पर अमल करेंगे नाराज कप्तान ?

Edited By Vatika,Updated: 21 Jul, 2021 10:00 AM

will the angry captain follow the orders of the high command

पंजाब कांग्रेस में चल रही खींचतान के बीच अब एक नया सवाल खड़ा हो गया है।

चंडीगढ़(अश्वनी कुमार): पंजाब कांग्रेस में चल रही खींचतान के बीच अब एक नया सवाल खड़ा हो गया है। यह सवाल कांग्रेस हाईकमान के फरमान से जुड़ा है। हाईकमान ने 22 जुलाई को मोबाइल फोन की जासूसी मामले को लेकर देशभर में प्रदर्शन का आह्वान कर दिया है। बाकायदा कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने तमाम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों को चिट्ठी भी जारी की है।

चिट्ठी में कहा गया है कि 21 जुलाई को देशभर के तमाम प्रदेशाध्यक्ष बैठक करेंगे और अगले दिन 22 जुलाई को तमाम नेता और कार्यकत्र्ता मोबाइल फोन जासूसी कांड का विरोध करते हुए राजभवन की तरफ कूच करेंगे। अब सवाल यह है कि मुख्यमंत्री ने ऐलान कर दिया है कि वह तब तक नवजोत सिद्धू से मुलाकात नहीं करेंगे जब तक वह उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई अभद्र व निजी टिप्पणियों के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांगते। जाहिर है कि सिद्धू के सामने मुख्यमंत्री और नेताओं की नाराजगी के बीच प्रदर्शन का सफलतापूर्वक संचालन करने की बड़ी चुनौती रहेगी।

बेशक पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर सिद्धू राजभवन कूच का आह्वान कर सकते हैं, लेकिन पंजाब के तमाम कांग्रेसियों का एक मंच पर आना अभी भी संशय बना हुआ है। सोमवार को पूरी पंजाब कांग्रेस 2 खेमों में बंटी नजर आई थी। इधर सिद्धू खेमे ने तस्वीरें शेयर कीं तो उधर मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी मंत्रियों और विधायकों के साथ मुलाकात की तस्वीरें जारी कर दीं। मुख्यमंत्री आवास के पीछे मंत्री तृप्त राजिंद्र सिंह बाजवा के घर पर समागम होता रहा और मुख्यमंत्री अपने आवास पर बैठक में मसरूफ रहे। कयास के विपरीत सिद्धू की मुख्यमंत्री से मुलाकात की उम्मीदें धराशाही हो गईं, यानी सुलह-सफाई का कोई रास्ता नहीं निकल पाया। उस पर मंगलवार को मुख्यमंत्री और वरिष्ठ मंत्री के ताजा बयान ने एक बार फिर खींचतान को लेकर सियासी माहौल गर्मा दिया। ऐसे में फिलहाल सुलह-सफाई का कोई रास्ता निकलता दिखाई नहीं दे रहा है। 

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