DIG भुल्लर रिश्वत कांड में विजिलेंस की एंट्री! इन शहरों के ये अधिकारी रडार पर

Edited By Urmila,Updated: 24 Oct, 2025 11:59 AM

vigilance enters dig bhullar bribery case

सी.बी.आई. द्वारा डी.जी.आई. हरचरण सिंह भुल्लर को रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद पंजाब विजिलेंस ब्यूरो हरकत में आ गया है।

लुधियाना (सेठी): सी.बी.आई. द्वारा डी.आई..जी. हरचरण सिंह भुल्लर को रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद पंजाब विजिलेंस ब्यूरो हरकत में आ गया है। सूत्रों के अनुसार विजिलेंस ने अब मंडी गोबिंदगढ़ और लुधियाना के कई पासर, ट्रांसपोर्टर और जी.एस.टी. अधिकारी को राडार पर लिया है जिनके भुल्लर से संबंध होने की आशंका जताई जा रही है।

सरकारी हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि पंजाब सरकार इस हाई-प्रोफाइल प्रकरण के बाद ‘डैमेज कंट्रोल’ में जुटी हुई है। इसी कड़ी में सरकार ने 2 वरिष्ठ जी.एस.टी. अधिकारियों को सस्पैंड कर दिया है। असिस्टैंट कमिश्नर (ए.सी.एस.टी.) मनिंदरपाल सिंह और राज्य कर अधिकारी (ए.टी.ओ.) प्रीत मोहन सिंह चीमा, दोनों एस.आई.पी.यू. चंडीगढ़-2 (शंभू) से संबंधित हैं। निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जांच पूरी होने तक उनका मुख्यालय डी.सी.एस.टी. फरीदकोट डिवीजन रहेगा और वे बिना अनुमति अपने मुख्यालय से बाहर नहीं जा सकेंगे।

सूत्रों के अनुसार, इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने एक स्क्रैप कारोबारी को 4 करोड़ का टैक्स नोटिस जारी करने के बावजूद केवल 2 लाख ही जमा करवाए, जबकि बाकी राशि कथित रूप से ‘सैटिंग’ के नाम पर छोड़ दी गई। इस बीच, पंजाब के डायरैक्टर एनफोर्समैंट में भी हाल ही में की गई एक महत्वपूर्ण सीट से अधिकारी को अचानक हटाए जाने से बाजार और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि यह कदम भुल्लर प्रकरण से अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हो सकता है।

विजिलेंस की सतर्कता के बावजूद जारी है अवैध कारोबार

विजिलेंस ब्यूरो की सक्रियता के बावजूद मंडी गोबिंदगढ़ और लुधियाना में अवैध व्यापार थमने का नाम नहीं ले रहा। सूत्रों के अनुसार रोजाना करोड़ों रुपये का माल बिना बिल के ट्रांसपोर्ट किया जा रहा है। खास तौर पर, हाल के दिनों में यूरिया पासिंग का धंधा तेजी से बढ़ा है। यह वही यूरिया है जो लिथियम बैटरी निर्माण में इस्तेमाल किया जाता है और जिसकी तस्करी अब बड़े पैमाने पर की जा रही है।

अफसरशाही बैकफुट पर, पासर उठा रहे मौके का फायदा

भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद कारोबारी हलकों में यह धारणा बनी है कि राज्य की अफसरशाही बैकफुट पर आ गई है। इसी कारण कुछ पासर यानी टैक्स और ट्रांसपोर्ट से जुड़े मध्यस्थ, मौके का फायदा उठाकर बिना बिल के स्क्रैप और अन्य माल की गाड़ियां मंगवा रहे हैं। एक स्थानीय कारोबारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि भुल्लर के केस के बाद सिस्टम डर गया है। अब कई लोग खुलकर दो नंबर का काम कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि ऊपर तक अफसर खुद जांच के घेरे में हैं।

सरकार पर बढ़ा दबाव

राज्य सरकार के लिए यह मामला साख का प्रश्न बन गया है। एक ओर जहां केंद्र की एजैंसियां पंजाब में भ्रष्टाचार पर शिकंजा कस रही हैं, वहीं दूसरी ओर विजिलेंस को अब अपनी कार्यप्रणाली पारदर्शी और असरदार साबित करनी होगी। विजिलेंस सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में और कई कारोबारी एवं जी.एस.टी. अधिकारियों से पूछताछ की संभावना है।

जी.एस.टी. विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग पर विजिलेंस की नजर, लुधियाना में सैटिंग कल्चर पर उठे सवाल

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की नजर अब राज्य के जी.एस.टी. विभाग में हाल ही में हो रही ट्रांसफर और पोस्टिंग पर टिक गई है। बताया जा रहा है कि विभाग के अंदर लंबे समय से चले आ रहे सैटिंग कल्चर ने न केवल सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि विजिलेंस की उत्सुकता भी बढ़ा दी है। सूत्रों का दावा है कि लुधियाना में पिछले कई वर्षों से कुछ अधिकारी एक ही जिले में लगातार पदस्थ हैं। जिसमें लुधियाना के उच्च अधिकारियों से लेकर इंस्पैक्टर स्तर के अधिकारी शामिल है। ये अधिकारी अपने उच्चाधिकारियों से साठगांठ कर या ‘सैटिंग’ के माध्यम से मनचाहे पदों और जिलों में अपनी तैनाती करवा लेते हैं। जबकि नियमों के अनुसार, किसी भी अधिकारी का एक ही जिले में लंबा कार्यकाल संदिग्ध माना जाता है।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!