विक्की मिड्डुखेड़ा मर्डर केस: खालिस्तान लिबरेशन से जुड़े गुगनी के खिलाफ आरोप तय

Edited By Kalash,Updated: 17 Sep, 2026 02:22 PM

vicky middukhera case

यूथ अकाली लीडर और स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी के लिए काम करते विक्रमजीत सिंह कुलार उर्फ ​​विक्की मिड्डुखेड़ा की गोलियां मारकर हत्या करने के मामले में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट सैशन जज मोहाली की अदालत ने खालिस्तान लिबरेशन से संबंधित धरमिंदर...

मोहाली (जस्सी): यूथ अकाली लीडर और स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी के लिए काम करते विक्रमजीत सिंह कुलार उर्फ ​​विक्की मिड्डुखेड़ा की गोलियां मारकर हत्या करने के मामले में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट सैशन जज मोहाली की अदालत ने खालिस्तान लिबरेशन से संबंधित धरमिंदर सिंह गुगनी के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। अदालत ने जिला अटॉर्नी और एस.एस.पी. दफ्तर को 6 अक्टूबर को सरकारी गवाहों को तलब करने के निर्देश दिए। गुगनी इस समय पटियाला जेल में बंद बताया जा रहा है।  

इस मामले में कोर्ट द्वारा अजय उर्फ ​​लेफ्टी, सज्जन उर्फ ​​भोलू और अनिल तीनों शूटरों को धारा 302 के तहत उम्रकैद, धारा 25\\54\\\59 आर्म्स एक्ट में 7 साल की कैद और धारा 452 के तहत 1 साल की कैद की सजा सुनाई जा चुकी है। अदालत द्वारा तीनों को 2.5-2.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था जबकि अदालत द्वारा सबूतों की कमी के कारण गैंगस्टर कौशल चौधरी, अमित डागर और भूपिंदर सिंह भूप्पी राणा को बरी कर दिया गया, क्योंकि पुलिस अदालत में ये साबित नहीं कर सकी कि उक्त तीनों की विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या में सीधे तौर पर कोई शामिल है।   

जानकारी के अनुसार इस मामले में आर्मीनियाई जेल में बैठे गौरव उर्फ लक्की पटियाल सहित सिद्धू मूसेवाला के मैनेजर शगनप्रीत सिंह सहित कई कर्मचारियों की गिरफ्तारी न होने के कारण पुलिस द्वारा उनके खिलाफ अभी तक  चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है। 

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