Edited By Kamini,Updated: 29 Aug, 2025 03:43 PM

ब्लैक सिलेंडरों का खेल इस कदर बेलगाम चल रहा है कि लोगों की जान हर समय खतरे में रहती है।
गोनियाना मंडी (गोरा लाल): बठिंडा में ब्लैक सिलेंडरों के काले खेल का पर्दाफाश हुआ है। गोनियाना मंडी और आसपास के गांवों में ब्लैक सिलेंडरों का खेल इस कदर बेलगाम चल रहा है कि लोगों की जान हर समय खतरे में रहती है। हैरानी की बात यह है कि विभाग के अधिकारी इस पूरे मामले को देखकर भी आंखें मूंदे बैठे हैं। गांवों में कई दुकानों के पिछले हिस्से में 30-30 और 40-40 सिलेंडर ब्लैक में बिक्री के लिए रखे हैं। ये सिलेंडर न सिर्फ ब्लैक में बेचे जा रहे हैं, बल्कि कई लोग इनसे गैस निकालकर दूसरी जगहों पर भी बेच रहे हैं।
यह धंधा किसी एक-आध व्यक्ति का नहीं, बल्कि एक नेटवर्क है, जो सप्लाई एजेंसियों से लेकर छोटे व्यापारियों तक फैला हुआ है। गोनियाना मंडी और उसके आसपास के इलाकों की बात करें तो लगभग हर पेस्ट्री शॉप, रेस्टोरेंट, पैलेस और होटल में व्यावसायिक सिलेंडरों की जगह घरेलू सिलेंडरों का इस्तेमाल हो रहा है। इसके अलावा, लगभग सभी स्कूलों में भी मिड-डे मील के लिए घरेलू सिलेंडरों का ही इस्तेमाल होता है। कानून के मुताबिक, यह पूरी तरह से गैरकानूनी है क्योंकि व्यावसायिक कार्यों के लिए केवल व्यावसायिक सिलेंडरों का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए, लेकिन कानून का उल्लंघन करते हुए घरेलू सिलेंडरों से काम चलाया जा रहा है। रेस्टोरेंट और होटल ही नहीं, बल्कि गली-मोहल्लों में भी घरेलू सिलेंडरों से बेधड़क खाना बनाया जा रहा है।
ऐसे में कभी भी कोई दर्दनाक हादसा हो सकता है। होशियारपुर में हुए भयानक हादसे का उदाहरण हमारे सामने है, जहां गैस विस्फोट ने कई घरों को तबाह कर दिया। इस तरह की लापरवाही न केवल आम लोगों की जान जोखिम में डाल रही है, बल्कि सरकार को भी लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा रही है। व्यावसायिक सिलेंडरों के रेट अलग हैं और घरेलू सिलेंडरों के अलग, लेकिन जहां घरेलू सिलेंडर व्यावसायिक उपयोग के लिए खरीदे जाते हैं, वहां सब्सिडी वाली गैस के दुरुपयोग से सरकार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। यह पूरी स्थिति एक खुला सवाल खड़ा करती है कि आखिरकार सरकारी अधिकारी चुप क्यों हैं?
अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here