Edited By Subhash Kapoor,Updated: 12 Nov, 2025 07:46 PM

पंजाब सरकार ने पहली बार आधिकारिक रूप से स्वीकार किया है कि ज़ीरा स्थित मालब्रोस इंटरनेशनल डिस्टिलरी ने इलाके में गंभीर पर्यावरणीय प्रदूषण फैलाया है और इस इकाई को स्थायी रूप से बंद करना जरूरी है।
ज़ीरा (फिरोज़पुर) : पंजाब सरकार ने पहली बार आधिकारिक रूप से स्वीकार किया है कि ज़ीरा स्थित मालब्रोस इंटरनेशनल डिस्टिलरी ने इलाके में गंभीर पर्यावरणीय प्रदूषण फैलाया है और इस इकाई को स्थायी रूप से बंद करना जरूरी है।
यह स्वीकारोक्ति राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के समक्ष दाखिल एक शपथ पत्र के ज़रिए की गई है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण विभाग के विशेष सचिव मनीष कुमार ने 2 नवंबर को दायर इस हलफ़नामे में स्पष्ट रूप से लिखा है कि यह इकाई पर्यावरण मानकों का उल्लंघन करने के “दस्तावेज़ी इतिहास” वाली है। यह दस्तावेज़ 11 नवंबर को NGT की वेबसाइट पर सार्वजनिक किया गया।
यह हलफ़नामा NGT के 9 सितंबर के आदेश के अनुपालन में दायर किया गया था। इसमें सरकार ने कई गंभीर स्वीकारोक्तियां की हैं — वे ही चिंताएं जो पिछले दो वर्षों से ज़ीरा संझा मोर्चा और पब्लिक एक्शन कमेटी (PAC) लगातार उठा रहे थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह फैसला उनकी लंबे संघर्ष की जीत है। ज़ीरा सांझा मोर्चा के सदस्यों ने कहा कि “यह सिर्फ पर्यावरण की बात नहीं थी, यह हमारी सांसों, हमारे बच्चों और हमारी ज़मीन की लड़ाई थी।” अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी, जिसमें NGT यह तय कर सकता है कि डिस्टिलरी की स्थायी बंदी को लेकर आगे की प्रक्रिया क्या होगी।