लापरवाही या साजिश ! केंद्रीय जेल में कैदी की संदिग्ध मौत से हड़कंप! परिजनों का हंगामा

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 28 Jun, 2025 05:52 PM

suspicious death of a prisoner in central jail causes commotion

केंद्रीय जेल बठिंडा में बंद मानसा जिले के गांव नंगला कलां निवासी और 50 बार से अधिक रक्तदान कर चुके स्टेट अवार्डी सुक्खा राम की 27 जून को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

बठिंडा (विजय वर्मा) : केंद्रीय जेल बठिंडा में बंद मानसा जिले के गांव नंगला कलां निवासी और 50 बार से अधिक रक्तदान कर चुके स्टेट अवार्डी सुक्खा राम की 27 जून को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस खबर के फैलते ही सिविल अस्पताल बठिंडा में माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब मृतक के परिजन और किसान यूनियन के सदस्य जेल प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठ गए।

परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि सुक्खा राम की मौत जेल प्रशासन की लापरवाही से हुई है। परिवार का दावा है कि उन्हें न तो मौत की सही जानकारी दी गई और न ही समय पर सूचित किया गया। मृतक के भाई राजू राम ने बताया कि एक दिन पहले ही 26 जून को जेल फोन पर उसकी भाई से बात हुई थी और वह बिल्कुल स्वस्थ था। संदेह और आक्रोश के बीच मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने अस्पताल पहुंचकर मृतक के परिजनों के बयान कलमबंद किए और उनकी निगरानी में डॉक्टरों की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया। अब सबकी नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जो मौत की असली वजह को उजागर करेगी।

परिजनों का आरोप है कि सुक्खा राम को दो महीने पहले एक साजिश के तहत झूठे केस में फंसाकर जेल में डाला गया था। सुक्खा राम को हाल ही में पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह द्वारा रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवा के लिए स्टेट अवार्ड से सम्मानित किया गया था।

थाना कैंट के एसएचओ दलजीत सिंह ने कहा कि, "मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।" इस पूरे मामले ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह महज़ एक हादसा है या फिर किसी गहरी साजिश की परतें? अब सबकी निगाहें मजिस्ट्रेट जांच की रिपोर्ट और न्यायिक कार्रवाई पर हैं।

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