खैहरा की प्रदेश सरकार से मांग, बिजली दर वृद्धि को लिया जाए वापिस

Edited By Mohit,Updated: 04 Jun, 2019 07:56 PM

sukhpal singh khaira

पंजाब एकता पार्टी (पीईपी) के अध्यक्ष सुखपाल सिंह खैहरा ने बिजली दरों में वृद्धि और बिजली पर प्रदेश सरकार के शुल्क को वापिस लिए जाने की मांग की।

चंडीगढ़ः पंजाब एकता पार्टी (पीईपी) के अध्यक्ष सुखपाल सिंह खैहरा ने बिजली दरों में वृद्धि और बिजली पर प्रदेश सरकार के शुल्क को वापिस लिए जाने की मांग की। यहां जारी बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि कैप्टन अमरेंद्र सिंह सरकार वित्तीय कुप्रबंधन से हो रहे राजस्व घाटे को बिजली उपभोक्ताओं पर भार लादकर पूरा करना चाहती है। 

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खैहरा ने लगाया यह आरोप...
उन्होंने कहा कि पंजाब प्रदेश बिजली नियामक आयोग ने प्रति यूनिट 6.62 रुपए की दर निर्धारित की हुई है और बिजली विभाग 7.92 रुपए प्रति यूनिट से वसूल रहा है। वस्तु एवं सेवा कर तथा अन्य शुल्क मिलाकर घरेलु बिजली नौ रुपए प्रति यूनिट पड़ रही है। खैहरा ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार बिजली विभाग को किसानों एवं अन्य श्रेणियों में नि:शुल्क बिजली आपूर्ति के मद में 5400 करोड़ रुपए के सब्सिडी बिल का भुगतान नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि कैप्टन ने उद्योग को पांच रुपए प्रति यूनिट बिजली का वायदा किया था जबकि दर दोगुनी है। 

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शिअद-भाजपा की नीतियों पर चल रही है कांग्रेस
उन्होंने कहा कि हाल में बिजली दर में 2.40 फीसदी की वृद्धि पूरी तरह से गैरकानूनी है और इससे प्रदेश के लोगों पर तो भार पड़ेगा लेकिन निजी बिजली कंपनियों को लाभ होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी तरह प्रदेश सरकार पेट्रोल व डीजल पर 28 फीसदी कर वसूल रही है जो देश भर में सर्वाधिक हैं। खैहरा ने कहा कि कांग्रेस सरकार पिछली शिरोमणि अकाली दल-भारतीय जनता पार्टी सरकार की नीतियों पर ही चल रही है जिनका उद्देश्य निजी ताप विद्युत संयंत्रों और बिजली आपूर्तिकर्ताओं को लाभ पहुंचाना है।

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