कैप्टन सरकार के विशेष सत्र को सुखबीर ने बताया ड्रामा, घोषणा-पत्र पर भी उठाए सवाल

Edited By Mohit,Updated: 22 Oct, 2020 05:55 PM

sukhbir singh badal

कैप्टन सरकार द्वारा तीन दिनों के विशेष सत्र को शिरोमणि अकाली दल ने ड्रामा करार दिया है।

चंडीगढ़ः कैप्टन सरकार द्वारा तीन दिनों के विशेष सत्र को शिरोमणि अकाली दल ने ड्रामा करार दिया है। इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल द्वारा कांग्रेस के चुनाव घोषणा-पत्र पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल द्वारा आज चंडीगढ़ में कोर कमेटी की मीटिंग के बाद प्रैस कांफ्रेंस की गई। पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुखबीर बादल ने कैप्टन अमरेन्द्र सिंह पर हमला बोलते हुए कहा कि कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने एक बार फिर जनता के साथ धोखा किया है। उन्होंने आरोप लगाए कि हमें बिना दिखाई और बिना बहस के यह बिल पास कर दिए गए हैं।

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उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पास किए गए बिलों पर एम.एस.पी. की यकीनी नहीं बनाई गई है और ना ही केंद्र के कानूनों को रद्द किया गया है। इस दौरान सुखबीर सिंह बादल ने केंद्र की भाजपा सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कैप्टन सरकार और भाजपा के बीच मिलीभगत के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अब कैप्टन अमरेन्द्र सिंह की सरकार और भाजपा यह दोनों पार्टियां इकट्ठी हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि कैप्टन की सोच और भाजपा की सोच एक जैसी हो चुकी है। उन्होने कहा कि पंजाब विधानसभा में बिलों को लाकर कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने सिर्फ ड्रामा किया है, उन्होंने कहा कुछ और किया कुछ।

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उन्होंने कहा कि जब हमने कहा था कि हमें एक दिन पहले एक्ट को दिखाया जाए तांकि जो भी कमियां हों वह हम विधानसभा में बता सकें लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और बिना दिखाई ही बिल पास कर दिए गए। उन्होंने कहा कि हमें लगता है कि कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने यह कानून कैबिनेट में भी नहीं लाए। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल किसान और गरीबों के लिए हमेशा लड़ता रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के हकों के लिए हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय मंत्री से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही अकाली दल ने एन.डी.ए. से अपना 30 साल पुराना रिश्ता भी तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि हमारे लिए किसान और पंजाब प्यारा है। पिछले काफी समय से किसान जत्थेबंदियां संघर्ष कर रही हैं और कई किसानों ने संघर्ष के दौरान अपनी जान भी दे दी है। किसान की यही मांग है कि केंद्र द्वारा पास किए गए यह तीन बिल रद्द किए जाएं। 

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