आंखों की रोशनी नहीं पर वाहेगुरु ने बख्शा ऐसा हुनर, Video देख आप भी कहेंगे 'धन्य गुरु नानक'

Edited By Vatika,Updated: 11 Aug, 2020 01:22 PM

एक ऐसा सिख नौजवान जिसकी आंखों की रौशनी तो नहीं है लेकिन वाहेगुरु ने उसे ऐसा हुनर बख्शा है कि हर कोई देख कर हैरान रह जाता है।

अमृतसर (सुमित खन्ना): एक ऐसा सिख नौजवान जिसकी आंखों की रौशनी तो नहीं है लेकिन वाहेगुरु ने उसे ऐसा हुनर बख्शा है कि हर कोई देख कर हैरान रह जाता है। दरअसल, अमृतसर के सैंट्रल अनाथालय में रहने वाला भाई जतिन्दर सिंह हर किसी के लिए मिसाल है। वह तंती साज़ के साथ 31 राग गाता है। 

PunjabKesari

पत्रकार के साथ बातचीत करते भाई जतिन्दर सिंह ने बताया कि उन्हें बचपन से ही संगीत काफ़ी पसंद था। इसके बाद वह अनाथालय आ गए जहां उन्होंने महेंद्र सिंह और महिंगा सिंह के अलावा कई अन्य उस्तादों से संगीत की शिक्षा हासिल की। यहां पर ही उन्होंने कीर्तन करना, सितार और तंती साज बजाना सीखा। उन्होंने बताया कि तानपूरा सुर करना बहुत ही मुश्किल है लेकिन उस्तादों की तरफ से दिए ज्ञान से वह आसानी के साथ यह सब सीख गए। 

PunjabKesari

भाई जतिंद्र सिंह ने बताया कि सुर ज्ञान कोई आसानी से नहीं सीख सकता, जिन्हें अकाल पुरख खुद ज्ञान बख्शे वह ही सीख सकता है। उन्होंने बताया कि वह तंती साज़ के साथ लगभग 31 राग गा लेते हैं।  आंखों से वंचित होने की आज तक कोई दिक्कत नहीं आई क्योंकि जो परमात्मा करता है वह हमेशा अच्छा होता है। 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!