पंजाब कांग्रेस में घमासान जारी, पूर्व MLA बोला- CM Face होंगे चन्नी तो लड़ूंगा चुनाव नहीं तो...

Edited By Kamini,Updated: 29 Aug, 2026 01:07 PM

ruckus continues in punjab congress

पंजाब कांग्रेस में घमासान लगातार जारी है। कांग्रेस की राजनीतिक कॉन्फ्रेंस में पार्टी की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई।

अमृतसर: पंजाब कांग्रेस में घमासान लगातार जारी है। कांग्रेस की राजनीतिक कॉन्फ्रेंस में पार्टी की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई। दरअसल, कॉफ्रेंस में पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा सांसद चरणजीत चन्नी के हक में नारे लगे। बाबा बकाला में रक्खड़ पुण्या के मौके पर आयोजित कांग्रेस की तीसरी कॉन्फ्रेंस के दौरान चन्नी के समर्थकों ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे समर्थकों ने चन्नी के पक्ष में जमकर नारेबाजी की, जिसके बाद पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति एक बार फिर चर्चा में आ गई।

पूर्व विधायक रमनजीत सिंह सिक्की हुए भावुक

इस दौरान चन्नी के समर्थकों ने उन्हें मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने के नारे लगाए और इसकी मांग की गई। लुधियाना के बाद अब बाबा बकाला में भी चन्नी के समर्थकों द्वारा लगाए गए नारे ने विवाद खड़ा कर दिया है। रैली के मंच पर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ चन्नी की तस्वीरों को प्रमुखता से लगाया गया। कार्यक्रम में सुखजिंदर सिंह रंधावा, पूर्व राजिंदर सिंह बाजवा, राजा अजीत सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। चन्नी के समर्थन में हुई नारेबाजी से खडूर साहिब से पूर्व विधायक रमनजीत सिंह सिक्की भावुक हो गए। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अगर चन्नी को पार्टी का चेहरा बनाया जाता है तो ही वह चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि चन्नी चेहरा नहीं होंगे तो वह कांग्रेस में भी नहीं रहेंगे।

आप सरकार पर बरसे चन्नी

चरणजीत चन्नी भी इस दौरान आप सरकार पर बरसते हुए नजर आए। उन्होंने कहा कि,  खुद क्रांतिकारी कहने वाले भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे हुए हैं। सराकर के 4 सालों में गैंगस्टरों ने दहशत फैला रखी है। पंजाब में बदलाव नहीं गैंगस्टरों का राज है।  

इस बीच, चन्नी गुट और पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच चल रही खींचतान भी खुलकर सामने आ रही है। चन्नी समर्थक लगातार राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन दिल्ली में हुई बैठक में राजा वड़िंग को पद पर बनाए रखने का फैसला लिया गया था। पंजाब दौरे के दौरान भूपेश बघेल ने भी चन्नी गुट से दूरी बनाए रखी। पंजाब कांग्रेस के भीतर नेताओं के बीच मतभेद के कारण पार्टी की एकजुटता पर भी सवाल उठ रहे हैं। चन्नी गुट की ओर से पार्टी के कुछ कार्यक्रमों और एकजुटता अभियानों में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाने से अंदरूनी घमासान और तेज हो गया है।

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